सांकेतिक तस्वीर
Electoral Rolls Update: चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) ने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के लिए 30 सितंबर 2025 तक सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह प्रक्रिया वोटर लिस्ट को शुद्ध करने और विदेशी घुसपैठियों को हटाने के उद्देश्य से शुरू होगी, जो अक्टूबर-नवंबर 2025 में लागू हो सकती है. SIR एक घर-घर सत्यापन अभियान है, जो अंतिम वोटर लिस्ट को पारदर्शी बनाएगा.
राज्यों की भूमिका और समयसीमा
ECI की हालिया बैठक में चर्चा हुई कि SIR के बाद पहले से प्रकाशित वोटर लिस्ट का उपयोग किया जाएगा. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, 10 सितंबर की बैठक में CEOs को 10 प्रमुख पैरामीटर्स पर प्रेजेंटेशन देने को कहा गया, जिसमें BLOs की ट्रेनिंग और डिजिटाइजेशन शामिल है. यह पैन-इंडिया अभियान 2026 के विधानसभा चुनावों (असम, केरल, पुदुच्चेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल) से पहले होगा. तैयारियां 10-15 दिनों में पूरी करनी होंगी.
SIR का लक्ष्य: उद्देश्य और चुनौतियां
SIR का मुख्य लक्ष्य डुप्लिकेट और अयोग्य वोटरों को हटाना है, खासकर बांग्लादेश-म्यांमार से अवैध प्रवासियों को. इंडिया टुडे के अनुसार, बिहार में चल रहे SIR में 65 लाख नाम हटे, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि कोई अवैधता मिली तो प्रक्रिया रद्द हो सकती है.
ECI ने कहा कि आधार को 12वां वैध दस्तावेज माना जाएगा. यह अभियान 2003 के बाद पहली बार पूरे देश में होगा, जो लोकतंत्र की मजबूती सुनिश्चित करेगा.
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