नक्सलियों के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़.
नक्सलवाद के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में 27 मई 2025 को एक बड़ी सफलता देखने को मिली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा, और इस दिशा में लगातार अभियान चल रहे हैं.
हाल के महीनों में नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन किए गए, जिसमें माओवादी नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा. ताजा झटके के रूप में, सीपीआई (माओवादी) के महासचिव बसवराज की मौत ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है. यह घटना कोरागुट्टा पहाड़ियों के पतन के बाद एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई.
नक्सलियों को बड़ा झटका, शांति की ओर बढ़ता देश
केंद्र सरकार का संदेश स्पष्ट है कि अब नक्सलवाद को रोकने की नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों को पूरी तरह मुक्त करने और शांति स्थापित करने की रणनीति अपनाई जा रही है. पहले नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास की किरण दिख रही है.
सरकार ने इन क्षेत्रों में सुरक्षा शिविर स्थापित किए और सड़कों, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाने का काम तेज किया है. नक्सलियों के हथियार डालने की संख्या में भी इजाफा हुआ है, जो सरकार की नीति की सफलता को दर्शाता है. यह कदम न केवल नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति और समृद्धि लाने का भी प्रतीक है.
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