Exit Poll: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग पूरी हो चुकी है. अब सबकी निगाहें एग्जिट पोल्स पर हैं. शाम को आने वाले इन आंकड़ों को लेकर समर्थकों और विरोधियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं होंगी. जीत का अनुमान पाने वाले दल के कार्यकर्ता मिठाई बांटेंगे, जबकि हार का अनुमान पाने वाले कहेंगे कि असली नतीजे ही मायने रखते हैं. लेकिन सवाल यही है कि पिछले चुनावों में एग्जिट पोल्स कितने सटीक साबित हुए और कहां पूरी तरह गलत निकले.
पश्चिम बंगाल: सबसे कमजोर रिकॉर्ड
- बंगाल की 294 सीटों पर एग्जिट पोल्स का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है.
- 2021: सर्वे ने टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर बताई थी, लेकिन नतीजे में टीएमसी ने 213 सीटें जीत लीं और बीजेपी 77 पर रह गई.
- 2016: पोल्स ने टीएमसी की जीत तो पकड़ी, लेकिन ताकत कम आंकी. असल में पार्टी 211 सीटों तक पहुंची.
- 2011: अनुमान था कि टीएमसी-एलायंस को 180-182 सीटें मिलेंगी, लेकिन नतीजे में टीएमसी अकेले 184 सीटें ले आई और लेफ्ट 62 पर सिमट गया.
असम: भरोसेमंद अनुमान
- 126 सीटों वाले असम में एग्जिट पोल्स अक्सर सही दिशा में रहे.
- 2021: बीजेपी गठबंधन की वापसी का अनुमान 75-85 सीटों का था और नतीजे लगभग इसी दायरे में रहे.
- 2016: पोल्स ने सत्ता परिवर्तन का अंदेशा जताया और बीजेपी गठबंधन जीता.
- 2011: यहां पोल्स थोड़े गड़बड़ थे, लेकिन कांग्रेस ने सरकार बनाई.
तमिलनाडु: कभी सही, कभी गलत
- 234 सीटों वाले तमिलनाडु में एग्जिट पोल्स का रिकॉर्ड मिला-जुला रहा.
- 2021: डीएमके गठबंधन की जीत का अनुमान सही रहा, लेकिन सीटें कम निकलीं.
- 2016: पोल्स डीएमके की ओर झुके थे, लेकिन एआईएडीएमके ने सत्ता बचा ली.
- 2011: अलग-अलग एजेंसियों ने अलग अनुमान दिए, लेकिन नतीजे में एआईएडीएमके ने 203 सीटें जीत लीं और डीएमके गठबंधन 31 पर सिमट गया.
केरल: दिशा सही पकड़ते रहे पोल्स
- 140 सीटों वाले केरल में एग्जिट पोल्स अक्सर सही साबित हुए.
- 2021: एलडीएफ की वापसी का अनुमान था और नतीजे में 99 सीटों के साथ बड़ी जीत मिली.
- 2016: पोल्स ने एलडीएफ की जीत बताई और वही हुआ.
- 2011: पोल्स ने यूडीएफ को आगे दिखाया और नतीजे भी लगभग वही रहे.
पुडुचेरी: अनुमान सही निकले
- 30 सीटों वाले पुडुचेरी में एग्जिट पोल्स ज्यादातर सटीक रहे.
- 2021: एनडीए की बढ़त का अनुमान सही निकला.
- 2016: कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की जीत का अनुमान भी सही रहा.
- 2011: सत्ता विरोधी लहर को पोल्स ने पकड़ा और नतीजे में एन रंगास्वामी की सरकार चली गई.
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पिछले तीन चुनावों में असम, केरल और पुडुचेरी में एग्जिट पोल्स भरोसेमंद रहे. तमिलनाडु में स्थिति कभी सही तो कभी गलत रही. लेकिन पश्चिम बंगाल में पोल्स बार-बार फेल साबित हुए. यही वजह है कि इस बार भी सबकी नजरें बंगाल और तमिलनाडु पर होंगी कि क्या एग्जिट पोल्स मतदाताओं का मूड सही पकड़ पाएंगे या फिर एक बार फिर आंकड़े धराशाई होंगे.
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