जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के दिग्गज नेता डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की गूंज अब विधानसभा (असेंबली) के भीतर भी सुनाई दे रही है. शनिवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक सलमान सागर ने इस मुद्दे पर प्रस्ताव पेश किया और हमले की कड़ी निंदा करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की. खास बात यह रही कि इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष, दोनों ही एक सुर में नजर आए.
NC विधायक सलमान सागर ने उठाए सवाल
प्रस्ताव पेश करते हुए एनसी विधायक सलमान सागर ने भावुक होते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने देश और जम्मू-कश्मीर के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं. सागर ने सवाल उठाया कि “अगर डॉ. अब्दुल्ला जैसे कद्दावर और जेड प्लस सुरक्षा वाले नेता पर हमला हो सकता है, तो फिर घाटी के आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?”
उन्होंने आगे कहा कि फारूक अब्दुल्ला केवल एक पार्टी के नहीं बल्कि सभी धर्मों का सम्मान करने वाले सर्वमान्य नेता हैं. सागर ने मांग की कि इस मामले की न केवल फास्ट ट्रैक जांच होनी चाहिए, बल्कि एकज्यूडिशियल इंक्वायरी (न्यायिक जांच) भी बिठाई जानी चाहिए ताकि हमले के पीछे की असली साजिश बेनकाब हो सके. उन्होंने बताया कि गृह मंत्री और उपराज्यपाल (LG) ने भी डॉ. अब्दुल्ला से बात कर उनका हाल जाना है.
‘फारूक का कद बहुत बड़ा है’: शाम लाल शर्मा
हैरानी की बात यह रही कि इस संवेदनशील मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी कड़ा रुख अपनाया. बीजेपी विधायक शाम लाल शर्मा ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला सिर्फ मुस्लिम समाज के नेता नहीं हैं, वे सबको साथ लेकर चलने वाली शख्सियत हैं और उनका सियासी कद बहुत बड़ा है.
शर्मा ने इसे सीधे तौर पर’सुरक्षा में भारी चूक’ करार दिया. उन्होंने कहा कि इतने बड़े नेता की सुरक्षा में सेंध लगना चिंता का विषय है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए. सदन में पीडीपी (PDP) समेत अन्य दलों के नेताओं ने भी इस हमले की एक सुर में निंदा की और चर्चा की मांग की.
ये भी पढ़ें: असम में CM हिमंत बिस्वा सरमा का ‘क्रेज’, चुनाव प्रचार के बीच महिला समर्थक ने अचानक कर दिया ‘Kiss’, वीडियो वायरल
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



