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सिलेंडर नहीं, कमरे में भरी गैस बनी काल! फतेहपुर में पल भर में राख हुआ आशियाना, पड़ोसियों सहित 9 लोग झुलसे

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के पिलखिनी गांव में रविवार शाम एक मकान में गैस लीकेज के कारण जोरदार धमाका हो गया. इस हादसे में एक ही परिवार के 6 सदस्यों और बचाने आए 3 पड़ोसियों समेत कुल 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए. प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 8 गंभीर घायलों को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के जरिए इलाज के लिए कानपुर रेफर किया है.

Fatehpur Tragedy 9 Injured in House Blast Due to Gas Leakage, Green Corridor Created

Fatehpur Tragedy: यश द्विवेदी/फतेहपुर: हमारे घरों की रसोई में इस्तेमाल होने वाला एलपीजी (LPG) सिलेंडर जितना मददगार है, हमारी एक छोटी सी लापरवाही उसे उतने ही बड़े खतरे में बदल देती है. ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला हादसा उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से सामने आया है, जहां कल्यानपुर थाना क्षेत्र के पिलखिनी गांव में रविवार की देर शाम गैस लीकेज की वजह से एक मकान में भयानक ब्लास्ट हो गया.

इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया. घर में गैस भरने के बाद अचानक हुए इस धमाके और आग की चपेट में आने से एक ही परिवार के सदस्यों और उन्हें बचाने दौड़े पड़ोसियों समेत कुल 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं.

कमरे में भरी थी गैस

चश्मदीदों के मुताबिक, पिलखिनी गांव के इस घर में रविवार शाम को रेगुलेटर या पाइप से चुपके-चुपके गैस का रिसाव हो रहा था. देखते ही देखते दो कमरों के इस छोटे से मकान में एलपीजी गैस पूरी तरह फैल गई. इससे पहले कि परिवार के लोग कुछ समझ पाते या संभाल पाते, अचानक एक चिंगारी से जोरदार ब्लास्ट हो गया और पूरे घर को आग की लपटों ने घेर लिया.

धमाका इतना तेज था कि घर के अंदर मौजूद छह लोग बुरी तरह झुलस गए और चीख-पुकार मच गई. घर से उठती आग की लपटें और रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के तीन पड़ोसी अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाने के लिए घर के अंदर कूद पड़े, लेकिन बदकिस्मती से वे भी इस भयानक आग की चपेट में आ गए.

प्रशासन ने बनाया ‘ग्रीन कॉरिडोर’

हादसे की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया. फौरन स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से सभी 9 घायलों को तुरंत मलवां मेडिकल कॉलेज पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो शुरू किया, लेकिन 8 लोगों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई और बिना वक्त गंवाए फतेहपुर से कानपुर तक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ तैयार करवाया, ताकि एम्बुलेंस बिना किसी ट्रैफिक जाम के, रिकॉर्ड समय में घायलों को लेकर अस्पताल पहुंच सके.

जांच में जुटे अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही जिले के आला अधिकारी, जिनमें जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस कप्तान शामिल हैं, तुरंत घटनास्थल और मेडिकल कॉलेज पहुंचे. अधिकारियों ने पीड़ितों के परिवारों को ढांढस बंधाया और डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली.

प्रशासनिक अधिकारियों अनुसार, शुरुआती जांच में ये साफ हुआ है कि हादसा कमरे में गैस लीक होने और उसमें ब्लास्ट होने की वजह से हुआ है, यहां कोई सिलेंडर नहीं फटा है. कानपुर के अस्पताल में भर्ती घायलों की देखरेख और सही इलाज सुनिश्चित करने के लिए फतेहपुर प्रशासन ने वहां एक विशेष पुलिस टीम भी तैनात कर दी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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