Bipin Rawat Helicopter Crash: साल था 2021 दिन था 8 दिसंबर, तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक हेलीकॉप्टर वेलिंगटन के लिए उड़ा लेकिन वह अपने गंतव्य तक पहुंच नहीं पाया. हेलीकॉप्टर कन्नूर के पहाड़ियों में क्रैश हो गया. इस हादसे में कुल 12 लोगों की मौत हुई थी. जिसमें भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल थे. भारत के इतने बड़े सैन्य अधिकारी की मौत ने देश को झकझोर कर रख दिया. किसी ने बताया कि यह चीन की साजिश थी तो किसी ने कहा कि हो सकता है इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ हो. आखिर भारत के पहले CDS के हेलीकॉप्टर क्रैश की क्या वजह थी. आइये जानते हैं.
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मौत के तीन साल बाद 18 दिसंबर को लोकसभा में पेश की गई रक्षा संबंधी स्थाई समिति की रिपोर्ट में बताया गया कि 8 दिसंबर 2021 को हुआ Mi-17 हेलीकॉप्टर क्रैश एक मानवीय भूल का परिणाम था.
एयरक्रू की गलती से हुआ था हादसा
लोकसभा की स्थायी समिति की रिपोर्ट में बताया गया कि जनरल विपिन रावत जिस हेलीकॉप्टर में बैठे थे, वह एयरक्रू की गलती की वजह से क्रैश हुआ था.
मौसम में बदलाव की वजह से पायलट भटका
रिपोर्ट के मुताबिक घाटी में मौसम की स्थिति में अचानक बदलाव के कारण हेलीकॉप्टर बादलों में प्रवेश कर गया. जिससे पायलट भटक गया और हेलीकॉप्टर अनियंत्रित हो गया.
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह उड़ा रहे थे हेलीकॉप्टर
बता दें कि 8 दिसंबर 2021 को Mi-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के अलावा, शौर्य चक्र पुरस्कार विजेता ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भी शामिल थे. वरुण सिंह इस क्रैश में जिंदा बचे एकमात्र व्यक्ति थे, लेकिन कुछ दिनों के बाद उनकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई.
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह कोयंबटूर के सुलूर वायुसेना अड्डे से जनरल बिपिन रावत सहित कुल 12 लोगों को लेकर वेलिंगटन के रक्षा स्टाफ सेवा महाविद्यालय के लिए उड़ान भरे थे, लेकिन लैंडिंग से कुछ समय पहले ही हेलीकॉप्टर अनियंत्रित होकर पहाड़ियों में क्रैश हो गया था.
-भारत एक्सप्रेस
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