मोदी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बड़ी आर्थिक मदद का ऐलान किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) की बैठक में कुल 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी गई. यह राशि आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और जम्मू-कश्मीर को प्रदान की जाएगी.
2025 की आपदाओं के लिए विशेष सहायता
सरकार के अनुसार यह अतिरिक्त मदद वर्ष 2025 में आई विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, फ्लैश फ्लड, क्लाउडबर्स्ट, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ से प्रभावित क्षेत्रों के राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए दी जा रही है. इन आपदाओं ने इन राज्यों में भारी तबाही मचाई थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित होना पड़ा और बुनियादी ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचा.
राज्यों के अनुसार स्वीकृत राशि
समिति के फैसले के मुताबिक अलग-अलग राज्यों को निम्नलिखित राशि मंजूर की गई है:
आंध्र प्रदेश: 341.48 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़: 15.70 करोड़ रुपये
गुजरात: 778.67 करोड़ रुपये
हिमाचल प्रदेश: 288.39 करोड़ रुपये
नागालैंड: 158.41 करोड़ रुपये
जम्मू-कश्मीर: 330.34 करोड़ रुपये
यह पूरी राशि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) से जारी की जाएगी. हालांकि, संबंधित राज्यों के राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में उपलब्ध शुरुआती बैलेंस के 50 प्रतिशत को इसमें समायोजित किया जाएगा.
पहले से जारी फंड के अलावा अतिरिक्त मदद
केंद्र ने स्पष्ट किया कि यह सहायता पहले से जारी की गई राशि के अतिरिक्त है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने एसडीआरएफ के तहत 28 राज्यों को 20,735.20 करोड़ रुपये, एनडीआरएफ के तहत 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपये जारी किए हैं. साथ ही आपदा शमन के लिए राज्य आपदा शमन कोष से 5,373.20 करोड़ और राष्ट्रीय आपदा शमन कोष से 1,189.56 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं.
केंद्र-राज्य मिलकर करेंगे तेज राहत कार्य
सरकार का कहना है कि केंद्र प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है. इन कदमों से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेजी से होंगे, पुनर्वास सुनिश्चित होगा और लोग जल्द सामान्य जीवन में लौट सकेंगे. यह सहायता आपदा प्रबंधन में केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
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