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Gujarat ATS Operation:पी एस चरण/गुजरात: अहमदाबाद के गुजरात से एक बड़ी खबर सामने आई है. जहा आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने नशे के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है. एटीएस ने राजस्थान के पाली निवासी एक मेडिकल कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया है. एटीएस ने उसके पास से साइकोट्रॉपिक दवा ‘ट्रामाडोल’ (Tramadol) की 2,08,000 टैबलेट जब्त की हैं.
भारत और गुजरात सरकार की नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत गुजरात एटीएस ने एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. एटीएस के उप पुलिस अधीक्षक (DSP) एस.एल. चौधरी को गुप्त सूचना मिली थी कि वलसाड के पारडी में रहने वाला और मूल रूप से सादड़ी का निवासी परेश पारसमल जैन लंबे समय से प्रतिबंधित ट्रामाडोल टैबलेट की तस्करी कर रहा है. तकनीकी सर्विलांस के आधार पर सूचना सही पाए जाने के बाद एटीएस ने जाल बिछाया.
अन्य दवाइयों की आड़ में भेजी जा रही थी खेप (Tramadol tablets seized)
जांच में सामने आया कि आरोपी ने 25 जून 2026 को अंकलेश्वर से एमआर ट्रेवल्स की लग्जरी बस के जरिए ‘न्यू महावीर मेडिकल’ के नाम से एक फर्जी टैक्स इनवॉइस बनाकर दवाओं की आड़ में ट्रामाडोल की बड़ी खेप पाली (राजस्थान) के लिए रवाना की थी.
एटीएस की टीम ने अहमदाबाद के शाहीबाग स्थित नमस्ते सर्कल पर बस को रोककर तलाशी ली. इस दौरान बस से 6 बड़े कार्टन बरामद हुए, जिनमें ‘Tramadol Hydrochloride IP Tablets 100 mg (Scovidol-100)’ की 2,08,000 टैबलेट्स मिलीं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करीब 8.32 करोड़ रुपये है.
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे (drug smuggling network)
कार्रवाई का पता लगते ही मुख्य आरोपी परेश जैन राजस्थान भाग गया था. गुजरात एटीएस की विशेष टीम ने उसका पीछा किया और उसे उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र से पकड़ लिया. एटीएस की पूछताछ में आरोपी ने कुबूल किया कि वह मई 2026 से अब तक 25 अलग-अलग खेपों में करीब 62 लाख 54 हजार ट्रामाडोल टैबलेट राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सप्लाई कर चुका है. आरोपी ने मई 2026 में ही मेडिकल स्टॉकिस्ट का लाइसेंस लिया था और इसकी आड़ में वह अवैध धंधा चला रहा था.
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड (Sadri-based medical trader)
परेश जैन का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. वह इसी साल (2026 में) उत्तराखंड के हरिद्वार और महाराष्ट्र के ठाणे में प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप के साथ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुका है. इसके अलावा, पिछले महीने वापी से जब्त हुई 2.38 किलोग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स के मामले में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है. एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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