Gujarat Flood: दक्षिण और मध्य गुजरात में मानसून की मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा रखी है. वलसाड, नवसारी, डांग और सूरत समेत कई जिले इस वक्त बाढ़ जैसे गंभीर हालातों से जूझ रहे हैं. बिगड़ती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात कर हालात की समीक्षा की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया है.
दिल्ली से एयरलिफ्ट की गईं NDRF की टीमें
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित वलसाड जिले में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नई दिल्ली से NDRF की दो अतिरिक्त टीमों को हवाई मार्ग से तुरंत वलसाड भेजा गया है.
वर्तमान में वलसाड में एनडीआरएफ की तीन और एसडीआरएफ
(SDRF) की पांच टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं. इसके अलावा, सेना के 70 जवानों की एक विशेष टुकड़ी और 25 सदस्यीय फायर सर्विस की टीम को भी नावों के साथ राहत कार्य में तैनात किया गया है.
बांध हुए ओवरफ्लो
बारिश का असर पूरे दक्षिण गुजरात में साफ नजर आ रहा है. डांग जिले में कई प्रमुख रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे संपर्क टूट गया है. नवसारी में जूज और केलिया बांध ओवरफ्लो हो चुके हैं, जिसके बाद निचले इलाकों के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
सूरत जिले में एहतियात के तौर पर गुरुवार को सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया. तापी जिले में भी पुलिस और बचाव दल बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हैं.
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (State Emergency Operations Center) पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की.
मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ घंटों में दक्षिण और मध्य गुजरात के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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