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हर्ष मल्होत्रा ने दिखाई हरी झंडी, 60 EV के साथ निकला रोड सेफ्टी का कारवां

नई दिल्ली से केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने ‘युथ सेफ्टी एंड स्मार्ट मोबिलिटी एक्सपीडिशन 2026’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. PHDCCI द्वारा आयोजित इस 500 किलोमीटर की इलेक्ट्रिक वाहन यात्रा का मकसद सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देना था.

Harsh Malhotra flagged it off.

हर्ष मल्होत्रा ने दिखाई हरी झंडी

देश की राजधानी दिल्ली से एक अलग तरह का कारवां निकला है. ये रफ्तार का शो नहीं बल्कि सुरक्षा का संदेश है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बुधवार को ट्रांसपोर्ट भवन से PHDCCI के यूथ सेफ्टी और स्मार्ट मोबिलिटी अभियान 2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. करीब 50 से 60 इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ये काफिला 24 से 25 सितंबर तक दो दिन में दिल्ली से चंडीगढ़ तक करीब 500 किलोमीटर का सफर तय करेगा. इस मौके पर सड़क परिवहन मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी महमूद अहमद, PHDCCI के CEO और सेक्रेटरी जनरल डॉ. रणजीत मेहता, डिप्टी सेक्रेटरी जनरल डॉ. जतिंदर सिंह और जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज के ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट और हेड ER & CSR बी.एस. डागर भी मौजूद रहे.

हर्ष मल्होत्रा ने PHDCCI की पहल की जमकर तारीफ की

झंडी दिखाने के बाद मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने PHDCCI की इस पहल की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि लोगों को सड़क पर सुरक्षित रखना ही मंत्रालय की सबसे पहली जिम्मेदारी है. पिछले एक साल में मंत्रालय ने पूरे देश में 14 हजार ऐसे खतरनाक मोड़ों और ब्लाइंड स्पॉट की पहचान करके उन्हें ठीक किया है जहां सबसे ज्यादा हादसे होते थे. उन्होंने कहा कि जहां जरूरत होगी वहां बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव भी किए जाएंगे ताकि सड़कें और ज्यादा सुरक्षित बन सकें. मंत्री ने कहा कि रोड सेफ्टी सिर्फ एक विभाग का काम नहीं है, ये कई मोर्चों पर एक साथ लड़नी वाली लड़ाई है और इसमें कंपनियां जो नई सेफ्टी टेक्नोलॉजी बना रही हैं, उनकी भूमिका बहुत अहम है.

जवान मौतों की बड़ी वजह है सड़क हादसे

ये अभियान क्यों जरूरी है, इसका जवाब आंकड़ों में छिपा है. आज भी भारत में नौजवानों की मौत की सबसे बड़ी वजहों में से एक सड़क हादसे हैं और मरने वालों में ज्यादातर लोग कामकाजी उम्र के होते हैं. दूसरी तरफ देश में गाड़ियों की दुनिया तेजी से बदल रही है. इलेक्ट्रिक गाड़ियां, कनेक्टेड कारें और ड्राइवर को मदद करने वाली ADAS जैसी टेक्नोलॉजी अब आम हो रही हैं. PHDCCI का कहना है कि इन दोनों बातों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता. अगर हम साफ-सुथरी मोबिलिटी की तरफ जा रहे हैं तो उसे सुरक्षित भी बनाना ही होगा, तभी ये बदलाव पूरा माना जाएगा.

एक हॉल से नहीं, सड़क पर जाकर समझाने का प्लान

इसी सोच के साथ इस कारवां को डिजाइन किया गया है. ये सिर्फ एक जगह पर सेमिनार करके खत्म होने वाला इवेंट नहीं है. ये काफिला दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर कॉलेजों, यूनिवर्सिटी, ट्रांसपोर्ट हब और आम लोगों के बीच रुकेगा और वहीं पर बात करेगा. मकसद है कि सरकारी फाइलों में बंद रोड सेफ्टी का मुद्दा सड़क पर दिखे, लोगों से सीधा जुड़े और हर पड़ाव पर एक ही बात दोहराई जाए कि स्टीयरिंग के पीछे आपका व्यवहार ही जान बचाता है.

क्लीन मोबिलिटी के साथ सेफ मोबिलिटी भी जरूरी

इस पूरे अभियान पर PHDCCI के CEO और सेक्रेटरी जनरल डॉ. रणजीत मेहता ने कहा कि देश जिस तेजी से इलेक्ट्रिक और स्मार्ट मोबिलिटी की तरफ बढ़ रहा है, ये एक सुनहरा मौका है. हमें 10 साल बाद सुरक्षा को जोड़ने के बजाय आज से ही इस बदलाव में सुरक्षा की आदत डालनी होगी. क्लीन मोबिलिटी और सेफ मोबिलिटी दोनों को एक साथ आगे बढ़ना होगा और यही बात हम दिल्ली से चंडीगढ़ के हर स्टॉप पर कहने वाले हैं.

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हर यात्री है रोड सेफ्टी का ब्रांड एंबेसडर

इस दो दिन के सफर के दौरान फोकस पूरी तरह से प्रैक्टिकल बातों पर रहेगा. कैसे जिम्मेदारी से गाड़ी चलानी है, ट्रैफिक नियमों का पालन क्यों जरूरी है, टेक्नोलॉजी से हादसे कैसे रोके जा सकते हैं और EV को अपनाने से क्या फायदा होगा, इन सब पर चर्चा होगी. खास बात ये है कि ये बातचीत एकतरफा लेक्चर नहीं होगी. इसमें सरकार, इंडस्ट्री और युवा तीनों एक मंच पर आएंगे और तय करेंगे कि एक सुरक्षित और जिम्मेदार मोबिलिटी सिस्टम के लिए किसे क्या करना है. इस काफिले में चलने वाला हर शख्स एक ऑफिशियल रोड सेफ्टी एंबेसडर है और वो खुद उसी सड़क पर उसी नियम का पालन करके ये संदेश दे रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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