Himanta Biswa Sarma Cabinet Expansion: असम की सियासत में अब नई शुरुआत हो चुकी है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी सरकार का पहला बहुप्रतीक्षित और रणनीतिक मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया है. गुवाहाटी के ज्योति-बिश्नु अंतरजातिक कला मंदिर में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने 12 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इसमें कुल 4 नए चेहरों को स्थान मिला है. इस नए विस्तार के साथ ही मुख्यमंत्री को मिलाकर अब ‘टीम हिमंत’ का कुनबा बढ़कर कुल 17 मंत्रियों का हो गया है.
इससे पहले 12 मई 2026 को हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जिनके साथ महज 4 मंत्रियों ने शपथ ली थी. राजनीतिक पंडित इस विस्तार को आगामी चुनावों और क्षेत्रीय संतुलन को साधने के लिहाज से सीएम सरमा का बड़ा मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं.
कैबिनेट में ‘चौकड़ी’ की एंट्री (Assam Himanta Biswa Sarma Cabinet Expention)
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रशासनिक गति बढ़ाने के लिए अपने इस विस्तार में 4 बिल्कुल नए चेहरों पर दांव लगाया है, जिन्होंने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली है.
- अश्विनी राय सरकार (भाजपा): संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले जमीनी नेता को टीम में जगह मिली है.
- नीलिमा देवी (भाजपा): इन्हें शामिल कर सीएम ने बड़ा संदेश दिया है. अजंता नियोग के बाद नीलिमा देवी इस कैबिनेट की दूसरी महिला मंत्री बन गई हैं.
- सुशांत बरगोहेन (भाजपा): युवाओं और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए इन्हें टीम में एंट्री दी गई है.
- बिस्वजीत दैमारी (भाजपा): पूर्व विधानसभा अध्यक्ष को कैबिनेट में शामिल कर उनके प्रशासनिक और विधाई अनुभवों का लाभ लेने की रणनीति अपनाई गई है.
इन 4 नए चेहरों के अलावा मंत्रिमंडल में 8 पुराने और अनुभवी दिग्गजों की वापसी हुई है. इनमें भाजपा के अशोक सिंघल, बिमल बोरा, जयंता मल्ला बरुआ, कौशिक राय, कृष्णेंदु पाल, पियूष हजारिका, रणोज पेगू और असम गण परिषद (AGP) के कद्दावर नेता केशब महंत शामिल हैं.
किसको कितनी मिली जगह? (Himanta Biswa Sarma governance style)
17 सदस्यों वाली इस नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री सरमा ने अपने सहयोगी दलों को भी पूरा सम्मान दिया है. गठबंधन के मौजूदा स्वरूप पर नजर डालें तो
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): मुख्यमंत्री समेत कुल 13 मंत्री.
- असम गण परिषद (AGP): 2 मंत्री (अतुल बोरा और केशब महंत)
- बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF): 1 मंत्री (चरण बोड़ो)
क्यों खाली छोड़ी गई हैं 2 सीटें? (Himanta Biswa Sarma Assam Political Strategy)
इस मंत्रिमंडल विस्तार का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि सब कुछ फाइनल होने के बाद भी कैबिनेट में 2 पद रिक्त (खाली) छोड़ दिए गए हैं. नियमों के अनुसार, असम विधानसभा की कुल 126 सीटों के लिहाज से अधिकतम 19 मंत्री बनाए जा सकते हैं.
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राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि सीएम सरमा ने इन दो सीटों को खाली रखकर एक तीर से दो निशाने साधे हैं. पहला यह कि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विधायकों के लिए पुरस्कार की खिड़की खुली रहे और दूसरा, गठबंधन के सहयोगी दलों या असंतुष्ट गुटों को समय आने पर साधा जा सके. फिलहाल, यह खाली सीटें सस्पेंस के साथ-साथ कूटनीतिक संतुलन का बड़ा जरिया बनी हुई हैं.
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