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महाकुंभ में भगदड़ के बाद कैसे हैं सुरक्षा के इंतजाम, पुलिस बल मुस्तैद, चप्पे-चप्पे पर CCTV से हो रही निगरानी

प्रयागराज में आधी रात हुई भगदड़ के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए और सख्त इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा के लिए केंद्रीय एजेंसी भी लगा दी है है. श्रद्धालुओं को वन वे ही आने और जाने दिया जा रहा है. बीएसएफ और एटीएस के दस्ते भी संगम क्षेत्र में तैनात कर दिए गए हैं.

Mahakumbh 2025

मनमीत गुप्ता रिपोर्टर, प्रयारगाज


प्रयागराज में आधी रात हुई भगदड़ के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए और सख्त इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा के लिए केंद्रीय एजेंसी भी लगा दी है है. श्रद्धालुओं को वन वे ही आने और जाने दिया जा रहा है. बीएसएफ और एटीएस के दस्ते भी संगम क्षेत्र में तैनात कर दिए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद एक एक मूवमेंट पर नजर रखें है.

इससे पहले महाकुम्भ के दूसरे अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या के एक दिन पूर्व, तीर्थराज प्रयागराज की पावन धरती पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला. संगम के त्रिवेणी घाट पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़ी हैं. हर ओर श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह नजर आ रहा है.

प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर के बाद महाकुम्भ मेला क्षेत्र में अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, पुलिस उप महानिरीक्षक, मेलाधिकारी, और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निरंतर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. कमांड सेंटर से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है.

महाकुम्भ मेला क्षेत्र में ये सुरक्षा दल तैनात

नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस, महिला पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन दल, बम निरोधक दस्ते, घुड़सवार पुलिस, एटीएस कमांडो, अर्धसैनिक बल के साथ ही संगम घाट और अन्य स्नान घाटों पर जल पुलिस, मोटर-बोट, गोताखोर, और डीप डाइवर की तैनाती की गई है. ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है. हेलीकॉप्टर का भी उपयोग निगरानी में किया जा रहा है.

श्रद्धालुओं से प्रशासन का आग्रह

पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं से लगातार अनुरोध किए जा रहे हैं.

केवल निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और सावधानीपूर्वक स्नान करें.

परेड क्षेत्र के श्रद्धालु संबंधित स्नान घाटों पर स्नान करें.

झूंसी और अरैल क्षेत्र के श्रद्धालु अपने-अपने क्षेत्र में बने घाटों पर स्नान करें.

हाशिमपुर फ्लाईओवर का उपयोग कर नागवासुकी इंटरलॉकिंग के रास्ते घाटों तक पहुंचें.


-भारत एक्सप्रेस



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