हमारे देश में सांप के काटने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 24 घंटे में वह कौन-सा समय होता है जब सांपों के डसने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है? हाल ही में आईसीएमआर (ICMR), एम्स देवघर और अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, कोच्चि की एक संयुक्त स्टडी में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है.
करीब 2 लाख 14 हजार मामलों के अध्ययन से पता चला है कि दिन में दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच सांप के काटने का खतरा सबसे अधिक (39 फीसदी) होता है.
किस समय कितनी घटनाएं?
समय के आधार पर दर्ज 15,931 मामलों के विश्लेषण में सामने आया कि:
- दोपहर 12 से शाम 6 बजे: 39% मामले
- शाम 6 से रात 12 बजे: 29% मामले
- रात 12 से सुबह 6 बजे: 12% मामले
रिसर्च के मुताबिक, दोपहर और ढलती शाम के वक्त खेतों और ग्रामीण इलाकों में लोगों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है. इसी समय तापमान के कारण सांप भी अपने ठिकानों से बाहर निकलते हैं, जिससे इंसानों और सांपों का आमना-सामना होने की आशंका बढ़ जाती है.
खेती-किसानी के दौरान सबसे ज्यादा जोखिम
अध्ययन में पाया गया कि सांप के काटने के कुल मामलों में से 59 प्रतिशत घटनाएं खेतों में काम करने या कृषि से जुड़ी गतिविधियों के दौरान हुईं. इसके अलावा 9% अन्य काम के दौरान, 3.6% सांप पकड़ने या उसे हटाने की कोशिश में, 2.4% सोते या आराम करते समय, और 0.3% बच्चों के खेलते समय दर्ज की गईं.
Russell Viper निकला सबसे खतरनाक
भारत में सांपों की प्रजातियों से जुड़े डेटा में पाया गया कि ‘रसेल वाइपर’ (Russell’s Viper) का खौफ सबसे ज्यादा है. कुल मामलों में 51.3% बार रसेल वाइपर ने ही काटा. इसके बाद कॉमन करैत (22.3%), सॉ-स्केल्ड वाइपर (10%) और स्पेक्टेकल्ड कोबरा (8.9%) का नंबर आता है. ये चारों भारत के सबसे विषैले सांपों के ‘बिग फोर’ समूह में आते हैं.
सांप काटे तो क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि खेतों या झाड़ियों में जाते समय गमबूट (ऊंचे जूते) और पूरे कपड़े पहनें और रात में टॉर्च का इस्तेमाल जरूर करें. यदि किसी को सांप काट ले, तो झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें. मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) देकर जान बचाई जा सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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