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118 करोड़ में पेंटिंग बेचकर भारतीय चित्रकार ने रचा इतिहास, जाने कौन है वो?

मशहूर चित्रकारों की सुची में रहने वोले जाने माने भारतीय चित्रकार एम एफ हुसैन ने पेंटिंग की निलामी में इतिहास रच दिया. इस पेंटिंग को उन्होंने अनटाइटल्ड ( ग्राम यात्रा ) नाम दिया है.

MF Hussain most expensive painting: 118 करोड़ में पेंटिंग

MF Hussain most expensive painting: मशहूर चित्रकारों की सुची में रहने वोले जाने माने भारतीय चित्रकार एम एफ हुसैन ने पेंटिंग की निलामी में इतिहास रच दिया. इस पेंटिंग को उन्होंने अनटाइटल्ड ( ग्राम यात्रा ) नाम दिया है. न्यूयॉर्क के क्रिस्टीज में हुए निलामी में इस पेटिंग ने 1.38 करोड़ डॉलर यानी लगभग 118 करोड़ रुपए में बिक कर इतिहास रच है, जो अब तक के आधुनिक भारतीय कलाकृति की निलामी में सबसे उंची कीमत है.

7 दशकों बाद सार्वजनिक रूप से हुई नीलाम

इस पेंटिंग को एम एफ हुसैन ने 1954 में बनाई थी, जो 70 सालों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नीलाम हुई. इस पेंटिंग ने नीलामी में अमृता शेरगिल के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जो इसके पहले भारतीय कलाकृति की सबसे महंगी बिकने वाली पेंटिंग थी. 1937 में अमृता शेरगिल द्वारा बनाई गई ‘द स्टोरी टेलर’ 2023 में मुंबई में 63 करोड़ रुपए में बिकी थी.

आपको बता दे की भारतीय कलाकृति के लिए इतिहास रचने वाली हुसैन की ये पेंटिंग 14 फीट लंबी है, जिसमें उन्होंने 13 अलग-अलग दृश्य दिखाए है. इस पेंटिंग की शुरुआती कीमत मात्र 27 लाख से 35 लाख डॉलर ही थी, लेकिन निलामी में 4 गुना से ज्यादा किमत में बिक कर इसने रिकॉर्जड बना दिया है.

नॉर्वे के एक सर्जन ने पहली बार खरिदा

इस पेंटिंग को पहले नॉर्वे के एक सर्जन लियोन एलियास वोलोडार्स्की ने 1954 में दिल्ली से खरीदा था, जिसके बाद 1964 में उन्होंने इसे ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल को दान कर दिया था. इस पेंटिंग को एक निजी न्यूरोसांइस कॉरिडोर में रखा गया था, जो आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं थी.

क्रिस्टीज़ की दक्षिण एशियाई आधुनिक और समकालीन कला विभाग की प्रमुख निशाद अवारी ने एम एफ हुसैन की इस पेंटिंग को अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण कृतियों में से एक बताया. उनके अनुसार, यह रचना आजादी के बाद भारतीय गांवों और ग्रामीण जीवन की अहमियत को दर्शाती है, जो आधुनिक भारतीय कला की पहचान तलाशने का प्रतीक है.

पेंटिंग में एकमात्र पुरुष पात्र

अवारी के अनुसार, इस पेंटिंग में एक किसान खड़ा है, जो पेंटिंग का एकमात्र पुरुष पात्र है, जिसे हुसैन का ही रूप माना जा सकता है. यह किसान खेतों और गांव के दृश्य से गुजरते हुए धरती के पोषण और रक्षा का प्रतीक नजर आता है.

इस कलाकृति को नीलामी तक लाने में 13 वर्ष लगे. ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के बेचने के फैसले के बाद क्रिस्टीज़ ने इसको बेचने को लेकर तुरंत दिलचस्पी दिखाई. नीलामी से मिली राशि से डॉक्टरों के लिए डॉ. वोलोडार्स्की के नाम पर एक ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा.

इस नीलामी से पता चलता है कि आधुनिक भारतीय कला को दुनिया भर में पसंद किया जा रहा है. एम. एफ. हुसैन की कला आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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