Indian Sailor Killed in iran attack: ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में छिड़े खूनी खेल की आग अब सीधे भारत की दहलीज तक पहुंच चुकी है. समंदर के इस महा-संग्राम में ईरान की क्रूज मिसाइलों का शिकार हुए संयुक्त अरब अमीरात के तेल टैंकर पर तैनात एक भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है. नई दिल्ली ने इस अंतरराष्ट्रीय गुंडागर्दी पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के शीर्ष अधिकारियों को विदेश मंत्रालय में तलब कर लिया है.
भारत के इस कड़े समन के बाद ईरानी राजनयिकों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत कई आला अधिकारी साउथ ब्लॉक पहुंचे, जहां भारतीय अधिकारियों ने उन्हें बंद कमरे में कड़ी फटकार लगाते हुए इस कायराना हमले पर तुरंत जवाब मांगा है.
#WATCH | Delhi: Iranian diplomats including Deputy Chief of Mission (DCM) Mohammad Javad Hosseini, who were summoned by Ministry of External Affairs, over recent attack on merchant vessels in Hormuz, leave from MEA
An Indian sailor was killed, six others were wounded in Iranian… pic.twitter.com/BUTEFblCdO
— ANI (@ANI) July 14, 2026
दिल्ली में ईरानी राजनयिकों की लगी क्लास(Indian Sailor Killed in iran attack)
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही ईरानी राजनयिक भारतीय विदेश मंत्रालय की दहलीज पर पहुंचे, भारतीय राजनयिकों ने बिना कोई औपचारिकता निभाए सीधे काम की बात शुरू कर दी. भारत ने ईरान के सामने अंतरराष्ट्रीय समुद्र में काम करने वाले अपने लाखों नाविकों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर चिंता और नाराजगी जताई है.
दरअसल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर जैसे संवेदनशील और जोखिम वाले समुद्री रास्तों से गुजरने वाले कमर्शियल मर्चेंट जहाजों पर हजारों की तादाद में भारतीय क्रू मेंबर्स तैनात रहते हैं. भारत ने ईरान को दो टूक लहजे में समझा दिया है कि वह अपने निर्दोष नागरिकों की जान की कीमत पर इस इलाके में चल रहे किसी भी भू-राजनीतिक युद्ध को बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर दोबारा किसी भारतीय को खरोंच भी आई, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे.
मोम्बासा टैंकर पर हुआ था ईरान का वो मिसाइल तांडव
इस पूरे विवाद की जड़ वह खौफनाक हमला है जो ईरान की नौसेना ने ओमान की समुद्री सीमा के भीतर किया था. ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के दो बड़े जहाजों, जिनमें तेल टैंकर मोम्बासा और एलएनजी कैरियर अल बहिया शामिल थे, पर अचानक दो क्रूज मिसाइलें दाग दी थीं. मिसाइल लगते ही मोम्बासा टैंकर पर तैनात एक भारतीय नाविक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ अन्य क्रू मेंबर्स बुरी तरह झुलस गए.
इन घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिनमें से चार की हालत नाजुक बनी हुई है और वे अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. हमले के बाद दोनों जहाजों में लगी भीषण आग पर किसी तरह काबू तो पा लिया गया, लेकिन इसने वैश्विक शिपिंग लेन की सुरक्षा को पूरी तरह खतरे में डाल दिया है.
यूएई का भी पारा सातवें आसमान पर(Iran US Hormuz Crisis)
ईरान के इस दुस्साहस के बाद सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात का भी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने एक बेहद तल्ख बयान जारी कर इस मिसाइल हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है. यूएई ने कहा है कि कमर्शियल और सिविलियन जहाजों को निशाना बनाना पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है.
यूएई सरकार ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि वह तनाव बढ़ाने वाली इस ईरानी कार्रवाई को चुपचाप सहन नहीं करेगी और अपनी संप्रभुता व समुद्री हितों की रक्षा के लिए इस हमले का मुंहतोड़ सैन्य जवाब देने का पूरा अधिकार अपने पास सुरक्षित रखती है.
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वो होर्मुज स्ट्रेट अब बन चुका है कयामत का केंद्र
यह पूरी घटना(Iran Attacked UAE Oil Tanker) पश्चिम एशिया में चल रहे उस महा-तनाव का हिस्सा है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस समय पूरी दुनिया के लिए कयामत का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है. भौगोलिक रूप से होर्मुज वह बेहद संकरा और संवेदनशील समुद्री रास्ता है, जहां से पूरी दुनिया की कुल खपत का करीब पांचवां हिस्सा कच्चा तेल एक्सपोर्ट किया जाता है.
अगर अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी और ईरान के इन मिसाइल हमलों के कारण यह रास्ता पूरी तरह से ब्लॉक हो जाता है, तो वैश्विक बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लग जाएगी. भारत इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है क्योंकि एक तरफ जहां देश की ऊर्जा सुरक्षा दांव पर है, वहीं दूसरी तरफ समंदर में बह रहा भारतीयों का खून सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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