जन धन योजना के 11 साल पूरे.
11 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को यह वादा दिया था कि कोई भी गरीब परिवार बैंकिंग की दुनिया से बाहर नहीं रहेगा. इसी दिशा में ‘जन धन’ योजना (Jan Dhan Yojana) के रूप में एक परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत हुई. यह योजना भारत के वित्तीय क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आई. ‘जन धन’ योजना की 11वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘जन धन’ योजना ने लोगों को अपना भाग्य खुद लिखने की शक्ति दी.
Jan Dhan Yojana पर पीएम ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पीएमजेडीवाई (Jan Dhan Yojana) ने वित्तीय समावेशन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर लोगों को गौरवान्वित किया है. ‘माय गवर्नमेंट इंडिया’ की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए एक पोस्ट का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “जब अंतिम व्यक्ति वित्तीय रूप से जुड़ा होता है, तो पूरा देश एक साथ आगे बढ़ता है. प्रधानमंत्री जनधन योजना ने ठीक यही हासिल किया. इसने सम्मान बढ़ाया और लोगों को अपना भाग्य खुद लिखने की शक्ति दी.”
When the last mile is financially connected, the entire nation moves forward together. That is exactly what the PM Jan Dhan Yojana achieved. It enhanced dignity and gave people the power to script their own destiny.#11YearsOfJanDhan https://t.co/piAYJJOXOj
— Narendra Modi (@narendramodi) August 28, 2025
2024 में पीएम मोदी ने की थी शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने 28 अगस्त 2014 को ‘जन धन’ योजना (Jan Dhan Yojana) की शुरुआत की थी, जो दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल साबित हुई. इससे गरीब और वंचित लोगों की बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित हुई. वित्त मंत्रालय के अनुसार, 13 अगस्त 2025 तक देशभर में 56.16 करोड़ पीएमजेडीवाई खाते खुले. इसमें 55.7 प्रतिशत (31.31 करोड़) जन-धन खाताधारक महिलाएं हैं, जबकि 66.7 प्रतिशत (37.48 करोड़) जन-धन खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं.
यही नहीं, ‘जन धन’ योजना (पीएमजेडीवाई) खातों में कुल जमा राशि 2,67,756 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है. जहां खातों की संख्या तीन गुना बढ़ी, वहीं कुल जमा राशि में लगभग 12 गुना वृद्धि हुई है.
From financial exclusion to empowerment! Here is a glimpse of how PM Jan Dhan Yojana has transformed lives across India. #11YearsOfJanDhan https://t.co/z0VXPo0e3r
— Narendra Modi (@narendramodi) August 28, 2025
वित्त मंत्रालय के अनुसार, 13 अगस्त 2025 तक प्रति खाता औसत जमा राशि 4,768 रुपए है. अगस्त 2015 की तुलना में प्रति खाता औसत जमा राशि में 3.7 गुना वृद्धि हुई. इसके अलावा, पीएमजेडीवाई खाताधारकों को 38.68 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए गए.
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योजना के 11 साल पूरे होने पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण ने अपने संदेश में कहा कि वित्तीय समावेशन आर्थिक वृद्धि और विकास का एक प्रमुख चालक है. बैंक खातों तक सार्वभौमिक पहुंच गरीबों और वंचित वर्ग के लोगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से भाग लेने और इसके अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम बनाती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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