जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का गुरुवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण (परिसर) में औपचारिक तौर पर भव्य स्वागत किया गया. पीएम मोदी ने अपनी जापानी समकक्ष के आगमन पर उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया. इसके बाद, दोनों नेता 16वीं भारत-जापान वार्षिक समिट-स्तरीय बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के आपसी सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा करेंगे और उसे रणनीतिक रूप से मजबूत करेंगे. इसके साथ ही, दोनों नेता आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे.
णनीतिक साझेदारी बढ़ाने में यह दौरा एक जरूरी कदम
भारत के विदेश मंत्रालय ने जापानी पीएम का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा, “जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का बहुत गर्मजोशी से स्वागत है, जो आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली आई हुई हैं. पीएम ताकाइची का स्वागत एमओएस (MoS) डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया. यह दौरा भारत और जापान के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने में एक जरूरी कदम है.”
मानव संसाधन गतिशीलता फोरम में बोले जापानी राजदूत
इससे पहले दिन में, भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने कहा कि ताकाइची का दौरा दोनों पक्षों के लिए लोगों के बीच बातचीत (पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट) को आगे बढ़ाने का एक बड़ा मौका होगा. ओनो केइची ने यह बात विदेश मंत्रालय की तरफ से होस्ट किए गए मानव संसाधन गतिशीलता फोरम (Human Resource Mobility Forum) के जापान सत्र के दौरान कही.
जापानी राजदूत ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से आयोजित किए गए मानव संसाधन गतिशीलता फोरम के जापान सत्र में बोलकर खुशी हुई. पीएम ताकाइची का दौरा लोगों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने का एक शानदार मौका होगा, जो हमारे गहरे और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की नींव है.” विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस फोरम के दौरान ‘स्किल बेस्ड मोबिलिटी’ में भारत और जापान के बीच सहयोग के उभरते नए रास्तों पर विशेष रोशनी डाली गई.
इन 3 खास क्षेत्रों पर रहेगा मुख्य ध्यान
भारत के लिए रवाना होने से पहले, साने ताकाइची ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात में भारत के साथ जापान के सहयोग की अहमियत पर विशेष जोर दिया था. पीएम ताकाइची ने बुधवार को टोक्यो में मीडिया से कहा, “इस दौरे के जरिए, मुझे उम्मीद है कि मैं प्रधानमंत्री मोदी के साथ तीन खास क्षेत्रों में ठोस सहयोग को आगे बढ़ा पाऊंगीः
- मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए जापान-भारत रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना
- आर्थिक सुरक्षा (Economic Security) में सहयोग को बढ़ावा देना
- निवेश और इनोवेशन (नवाचार) में हमारे दोनों देशों के बिजनेस के बीच सहयोग को मजबूत करना
150 से ज्यादा जापानी कंपनियां लेंगी हिस्सा
उन्होंने आगे कहा कि इस दौरे के मौके पर, जापान-भारत संयुक्त आर्थिक फोरम होगा जिसमें 150 से ज्यादा जापानी कंपनियों और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर काम करते हुए, मुझे उम्मीद है कि जापान-भारत सहयोग का दायरा बढ़ेगा और एक मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा.
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पीएम ताकाइची ने स्पष्ट किया कि हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी भारत और जापान की है. उन्होंने कहा कि वह ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ (FOIP) को साकार करने की कोशिशों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च स्तरीय बातचीत करने के लिए बेहद उत्सुक हैं.
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