झारखंड के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे सहित अन्य नेताओं को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए झारखंड हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराया है. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि वे हाई कोर्ट के इस फैसले में हस्तक्षेप नही करना चाहते हैं. अदालत ने यह भी कहा झारखंड सरकार की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि जब भी कोई विरोध प्रदर्शन होता है तो निषेधाज्ञा का दुरुपयोग किया जाता है.
झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका
अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि अगर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो, तो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 19 (1) (बी) के तहत भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को खारिज करते हुए यह निर्णय लिया था. झारखंड हाई कोर्ट ने 2023 में रांची में प्रदर्शनों को लेकर भाजपा नेताओं और सांसद निशिकांत दुबे सहित अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया था. जिसके खिलाफ झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.
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28 नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज
बता दें कि झारखंड भाजपा के 28 नेताओं के खिलाफ 11 अप्रैल 2023 को रांची के सचिवालय मार्च के दौरान एफआईआर दर्ज की गई थी. इनमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, संजय सेठ, निशिकांत दुबे, दीपक प्रकाश और सीपी सिंह सहित 28 नेता शामिल है. वर्ष 2023 में भाजपा के सचिवालय घेराव के दौरान उपद्रव के बाद तीन पूर्व मुख्यमंत्री, 5 सांसद समेत 41 लोगों पर धुर्वा थाना में केस दर्ज किया गया था.
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