झारखंड परिसीमन पर कांग्रेस की चिंता
Jharkhand Delimitation: झारखंड में परिसीमन को लेकर कांग्रेस लगातार सक्रिय है. पार्टी को डर है कि कहीं जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या कम न हो जाए. इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने मोराबादी मैदान में बड़ी रैली आयोजित की. रैली के बाद भी पार्टी नेता लगातार राज्यपाल से लेकर आम जनता तक अपनी बात रख रहे हैं. उनका कहना है कि राज्य की जनसंख्या संरचना बदली है और इससे आदिवासी सीटों पर असर पड़ सकता है.
सामाजिक कार्यकर्ताओं की राय
कांग्रेस की चिंता को सामाजिक कार्यकर्ता भी साझा कर रहे हैं. लंबे समय से ईसाई मिशनरियों के बीच काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मानना है कि परिसीमन के बाद जनजातियों की राजनीतिक हिस्सेदारी घट सकती है. इस आशंका को लेकर वे भी अपनी आवाज उठा रहे हैं.
बीजेपी ने जवाब में क्या कहा?
दूसरी ओर बीजेपी कांग्रेस की इन आशंकाओं को पूरी तरह खारिज कर रही है. पार्टी का कहना है कि कांग्रेस बेवजह आदिवासियों को डर दिखा रही है. भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस की कवायद ईसाई मिशनरियों के दबाव में हो रही है. उनका सुझाव है कि कांग्रेस को आदिवासियों की चिंता छोड़कर जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए.
राजनीति के पीछे की वजह
झारखंड में जनसंख्या का संतुलन बदला है और आदिवासी आबादी में कमी आई है. कांग्रेस की चिंता इसी बदलाव से जुड़ी है. हालांकि परिसीमन की प्रक्रिया में अभी समय है, लेकिन कांग्रेस की सक्रियता यह दिखाती है कि पार्टी इस मुद्दे को चुनावी राजनीति से जोड़कर देख रही है.
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कुल मिलाकर, परिसीमन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है. कांग्रेस आदिवासी सीटों में कमी की आशंका जता रही है, जबकि बीजेपी इसे राजनीति से प्रेरित मान रही है. आने वाले समय में यह मुद्दा झारखंड की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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