कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी कार हादसे में आरोपी शिवम मिश्रा को एसीएमएम (ACMM) कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने पुलिस की ओर से मांगी गई 14 दिन की न्यायिक रिमांड की अर्जी खारिज कर दी. इसके बाद शिवम को 20,000 रुपये के मुचलके पर रिहा कर दिया गया. हालांकि पुलिस जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि हादसे के समय गाड़ी शिवम ही चला रहा था.
सुनवाई के दौरान शिवम मिश्रा ने खुद अदालत में अपनी पैरवी की. इस दौरान कोर्ट ने पुलिस की नोटिस प्रक्रिया पर सवाल उठाए. विवेचक यह साबित नहीं कर सके कि आरोपी को दो बार विधिवत नोटिस दिया गया था.
सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने रिमांड की मांग ठुकरा दी और शिवम को 20 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करते हुए निर्देश दिया कि वह आगे की जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करेगा.
जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल 8 फरवरी दिन रविवार को दोपहर करीब 3 बजे कानपुर के ग्वालटोली इलाके में एक लैम्बोर्गिनी कार ने 6 लोगों को उड़ा दिया था. इस लैम्बोर्गिनी कार की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है. हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने कार को घेर लिया, तभी कार के पीछे दूसरी कारों में बैठे बाउंसर्स बाहर निकले और लोगों को धक्का देकर पीछे हटाए और कार के अंदर से कानपुर के दिग्गज कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को बाहर निकाला.
जिसके बाद पुलिस मौके पर आई और कार को जब्त कर थाने ले आई. इसी बीच लोग थाने पहुंच गए और आरोपी शिवम मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने का दबाव बनाने लगे. जिसपर शिवम मिश्रा के बाउंसर्स ने लोगों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे. लोगों का आरोप था कि पुलिस शिवम मिश्रा को बचा रही है इसलिए केस में उसका नाम नहीं डाल रही है. हालांकि बाद में पुलिस ने शिवम मिश्रा का भी केस में नाम डाल दिया.खबर अपडेट हो रही है पेज रिफ्रेश करते रहें.
-भारत एक्सप्रेस
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