Kedarnath Kapat Opening: केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं. भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा सेवाएं और रूट मैनेजमेंट के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो. इस बार मौसम भी अनुकूल रहने की उम्मीद है, जिससे अधिक संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है.
सेवाओं का संचालन
स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति लगातार यात्रियों की सुविधा पर नजर रख रहे हैं. हेलीकॉप्टर सेवा, पैदल मार्ग और घोड़ा-खच्चर सेवाओं को सुचारु रूप से चलाया जा रहा है. केदारनाथ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय आस्था और संस्कृति का अहम केंद्र माना जाता है. मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भक्तों के पाप नष्ट होते हैं और उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है.
भक्तिमय वातावरण
कपाट खुलते ही पूरा केदारघाटी क्षेत्र श्रद्धा और भक्ति में डूब गया. बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच गूंजते मंत्र और श्रद्धालुओं की आस्था ने इस पवित्र धाम की महिमा को और दिव्य बना दिया है.
#WATCH | रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। https://t.co/A7Qz6C6WLr pic.twitter.com/fy6LcoYnb0
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 22, 2026
गंगोत्री और यमुनोत्री कपाट
अक्षय तृतीया के अवसर पर रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट भी खोले गए थे. उत्तरकाशी जिले में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की.
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नए नियम और पंजीकरण
इस बार बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर शर्तें लागू की गई हैं. गंगोत्री मंदिर समिति ने गैर-सनातनियों के लिए ‘पंचगव्य’ ग्रहण करना अनिवार्य किया है, जबकि बद्रीनाथ-केदारनाथ समिति ने आस्था की पुष्टि करने वाला शपथ पत्र जमा करने का नियम बनाया है. इस वर्ष अब तक करीब 19 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि पिछले साल 51 लाख से अधिक भक्तों ने चारधाम यात्रा की थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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