Korba Bribery: भूपेंद्र साहू/कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है. यहां एक पटवारी का किसान से कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पटवारी को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है. वीडियो में दिख रहे पटवारी का नाम विनोद अग्रवाल बताया जा रहा है, जो पसान तहसील क्षेत्र में तैनात हैं.
पिता की मौत के बाद दफ्तर के चक्कर काट रहा था बेटा
ये पूरी घटना तब उजागर हुई जब पिपरिया गांव के रहने वाले एक किसान जीवन कुमार अपने पिता की मृत्यु के बाद जमीन का ‘फौती नामांतरण’ (उत्तराधिकार म्यूटेशन) कराने के लिए पटवारी दफ्तर पहुंचे थे. सरकारी नियमों के मुताबिक जो काम बिना किसी परेशानी के होना चाहिए था, उसके लिए कथित तौर पर पैसों की मांग की गई. परेशान किसान ने किसी तरह पटवारी को पैसे दिए, लेकिन इसी दौरान वहां मौजूद एक ग्रामीण ने अपने मोबाइल से पटवारी का पैसे लेते हुए वीडियो बना लिया और उसे इंटरनेट पर डाल दिया.
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पसान तहसील क्षेत्र के सरकारी दफ्तरों का हाल बेहाल है. यहां बिना रिश्वत दिए कोई भी फाइल आगे नहीं सरकती. इस घूसखोरी के चक्कर में सबसे ज्यादा नुकसान और मानसिक प्रताड़ना उन गरीब आदिवासी किसानों को झेलनी पड़ती है, जो रोज कमाते और खाते हैं.
एसडीएम का कड़ा एक्शन, पटवारी सस्पेंड
वीडियो सोशल मीडिया के जरिए पोड़ी उपरोड़ा के एसडीएम मनोज बंजारे तक पहुंचा, उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए कड़ा रुख अपनाया. एसडीएम ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी पटवारी विनोद अग्रवाल को पद से सस्पेंड कर दिया. मामले पर बात करते हुए एसडीएम मनोज बंजारे ने साफ शब्दों में कहा कि दफ्तरों में आने वाले गरीब किसानों के साथ इस तरह का बर्ताव और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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