लालू प्रसाद यादव
लैंड फॉर जॉब से संबंधित सीबीआई के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव, भोला यादव, प्रेम चंद गुप्ता सहित अन्य को समन जारी कर 11 मार्च को पेश होने को कहा है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि लालू सहित अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश हो सकते हैं. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने सीबीआई द्वारा दायर सप्लिमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद यह समन जारी किया है.
गृह मंत्रालय ने आर के महाजन के खिलाफ मुकदमा चलाने की दी मंजूरी
पिछली सुनवाई में सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि एक पूर्व सरकारी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मिल गई है. गृह मंत्रालय ने पूर्व सरकारी अधिकारी आर के महाजन के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है. इससे पहले सीबीआई को 30 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मिल गई है. सीबीआई द्वारा दायर अंतिम सप्लिमेंट्री चार्जशीट में 78 लोगों को आरोपी बनाया गया है. सीबीआई के मुताबिक 38 कैंडिडेट्स है इसके अलावे कुछ अधिकारी शामिल है.
सीबीआई ने दाखिल कि थी तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट
सीबीआई ने 6 मार्च को इस मामले में तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया था. जिसमे भोला यादव को आरोपी बनाया गया है. सीबीआई द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र में कहा गया है कि भोला यादव लालू प्रसाद यादव के सचिव रह चुके है और वही सभी काम देखते थे. भोला यादव ही अधिकारियों को निर्देश देते थे. इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित उनके परिवार के पांच सदस्य आरोपी है. इसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव शामिल है. सीबीआई से जुड़े मामले में कोर्ट ने 4 अक्टूबर 2023 को तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, और राबड़ी देवी को जमानत दी थी.
16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर
कोर्ट ने 22 सितंबर 2023 को सीबीआई की ओर से दाखिल दूसरी सप्लिमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. 3 जुलाई 2023 को सीबीआई ने सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया था. कोर्ट ने 27 फरवरी 2023 को इन तीनों आरोपियों समेत सभी आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. 7 अक्टूबर 2022 को लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था. राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते बगैर किसी विज्ञापन के कई लोगों को रेलवे में नौकरियां दी. नौकरी देने के बदले उनसे या उनके परिवार के सदस्यों से लालू प्रसाद यादव ने उनकी जमीनें अपने परिवार के नाम लिखवा ली. इस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों जांच कर रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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