Bharat Express DD Free Dish

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप केस: ईडी ने 387.99 करोड़ की संपत्ति की कुर्की, कई राजनेताओं और नौकरशाहों पर आरोप

ईडी जांच में पता चला है कि मेसर्स महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप जो एक अम्ब्रेला सिंडिकेट है. मामले में कई गई जांच में रुपये की नकदी जब्त/फ्रीज की गई है. जिसमें 19.36 करोड़ रुपये की नकदी और 16.68 करोड़ रुपये की कीमती वस्तुओं को जब्त/फ्रीज किया गया है.

प्रवर्तन निदेशालय

प्रवर्तन निदेशालय

Vikash Jha Edited by Vikash Jha

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 387.99 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया है. इसको लेकर ईडी ने पीएमएलए के तहत अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया है. कुर्क की गई सम्पत्तियां कई सट्टेबाजी ऐप/वेबसाइटों के प्रमोटरों, पैनल ऑपरेटरो और प्रमोटरों के सहयोगियों के नाम पर है. ये संपत्तियां छत्तीसगढ़, मुंबई, मध्य प्रदेश और मॉरिशस में है.

कोलकाता से हुई थी केडिया की गिरफ्तार

ईडी जांच में पता चला है कि मेसर्स महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप जो एक अम्ब्रेला सिंडिकेट है. मामले में कई गई जांच में रुपये की नकदी जब्त/फ्रीज की गई है. जिसमें 19.36 करोड़ रुपये की नकदी और 16.68 करोड़ रुपये की कीमती वस्तुओं को जब्त/फ्रीज किया गया है. वहीं इस मामले में ईडी ने शेयर ब्रोकर गौरव कुमार केडिया को गिरफ्तार किया था. जिसे कोर्ट ने केडिया को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया था. ईडी ने केडिया को कोलकाता से गिरफ्तार किया था.

राजनेताओं-नौकरशाहों के शामिल होने का आरोप

महादेव ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के कई उच्च पदस्थ राजनेताओं और नौकरशाहों के कथित रूप से शामिल होने का आरोप है. इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और ईडी ने चार आरोपपत्र दायर किए हैं. ईडी ने पहले भी आरोप लगाया है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग गेमिंग और बेटिंग ऐप की जांच छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता सामने आई है. ऐप के दो मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल है.

ये भी पढ़ें- साकेत कोर्ट ने जबरन वसूली मामले में पुलिस इंस्पेक्टर की FIR रद्द करने की याचिका को किया खारिज

कई राज्यों में खरीदी गई अचल संपत्ति

बता दें कि इस केस में फरार चल रहे आरोपी हरि शंकर टिबरेवाल से संबंधित मॉरिशस स्थित कंपनी मेसर्स टानो इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज द्वारा एफपीआई और एफडीआई में निवेश किया गया. छतीसगढ़, मुंबई और मध्य प्रदेश में स्थित प्रमोटरों के नाम पर कई अचल संपत्ति खरीदी गई. इससे पहले इस मामले में 142.86 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के लिए दो अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए गए थे. इस प्रकार इस मामले में अपराध की कुल आय 2295.61 करोड़ रुपये जब्त की गई है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read