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वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर आज विपक्ष का बिहार बंद, पटना में दिखेगी राहुल-तेजस्वी की जुगलबंदी

राहुल गांधी, तेजस्वी यादव के साथ मिलकर इस बंद में शामिल होंगे. राहुल और तेजस्वी सुबह 9:30 बजे से इनकम टैक्स गोलंबर से अपनी पैदल यात्रा शुरू करेंगे, जो वीरचंद पटेल पथ से होते हुए चुनाव आयोग कार्यालय तक होगी.

Bihar Bandh

बिहार बंद

Bihar Bandh: बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर बिहार में राजनीति गर्म है. विपक्ष ने आज यानी बुधवार को बिहार बंद बुलाया है. बताया जा रहा है कि इस बंद कांग्रेस नेता और केंद्रीय नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे.

राहुल गांधी, तेजस्वी यादव के साथ मिलकर इस बंद में शामिल होंगे. राहुल और तेजस्वी सुबह 9:30 बजे से इनकम टैक्स गोलंबर से अपनी पैदल यात्रा शुरू करेंगे, जो वीरचंद पटेल पथ से होते हुए चुनाव आयोग कार्यालय तक होगी.

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट रिवीजन के दिये थे निर्देश

बता दें कि, 24 जून को बिहार चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किया था कि, हर वोटर को गणना फॉर्म जमा करना जरूरी है. इसमें 1987 के बाद जन्म लेने वाले और 1 जनवरी 2003 के बाद वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने वाले लोगों को बर्थ सर्टिफिकेट या किसी मान्य सर्टिफिकेट के माध्यम से अपनी नागरिकता प्रमाणित करनी होगी.

चुनाव आयोग के निर्देशों में एक और महत्वपूर्ण बात थी. जिसमें चुनाव आयोग ने कहा था कि बिहार से बाहर रहने वाले मतदाताओं को भी यह गणना प्रपत्र भरना जरूरी है. यह फॉर्म इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट से डाउनलोड कर 26 जुलाई तक देना अनिवार्य है.

जिसके बाद बिहार की राजनीति में बवाल मच गया. कांग्रेस, आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों ने इसे पक्षपाती बताया. विपक्ष ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा.

तेजस्वी यादव ने कहा- ये वोट बंदी है

वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर बिहार के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इसे वोट बंदी करार दिया. उन्होंने कहा कि पटना में इलेक्शन कमीशन पोस्ट ऑफिस जैसा है. यहां का इलेक्शन कमीशन किसी काम का नहीं है. यह कोई निर्णय नहीं ले सकता.

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लालू प्रसाद ने मोदी और शाह पर साधा निशाना

वहीं वोटर लिस्ट रिवीजन पर लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी और अमित शाह पर वोट का अधिकार छीनने का आरोप लगाया. उन्होंने एक्स पर लिखा कि, दो गुजराती 8 करोड़ बिहारियों के वोट के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा, इन दो गुजरातियों को बिहार, संविधान और लोकतंत्र से सख्त नफरत है. इसके खिलाफ जागो और अपनी आवाज उठाओ.

10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. इस संबंध में 5 जुलाई को एक गैर सरकारी संस्था (ADR) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी. जिसमें उसने चुनाव आयोग के इस आदेश को रद्द करने की मांग की है.

वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर वेरिफिकेशन में किसी भी वैलिड वोटर का नाम नहीं काटा जाएगा. इस वेरिफिकेशन से विदेशी घुसपैठिया सहित अन्य तरीके से गलत नाम जुड़वाने वाले लोगों को बाहर किया जाएगा.

– भारत एक्सप्रेस



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