ओला, उबर और रैपिडो ने आज के समय में किसी का भी आना-जाना बेहद आसान कर दिया है. जहां पहले बस, ऑटो का इंतजार करना पड़ता था या फिर इनके लिए घर से मेन रोड पर जाना पड़ता था. वहीं, आज हम कहीं भी जाने के लिए आसानी से घर बैठे राइड बुक कर सकते हैं. कैब हमारी लोकेशन पर आकर हमें उस जगह तक पहुंचा देती है, जहां हमें जाना होता है. लेकिन अक्सर यात्री अंतिम समय में ड्राइवर द्वारा राइड कैंसल किए जाने से परेशान हो जाते हैं, तो अब ऐसा करने पर ड्राइवर को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.
राइड कैंसल करना पड़ेगा भारी
अक्सर देखा जाता है कि दूरी कम होने या लोकेशन पसंद न आने पर कैब चालक राइड रद्द कर देते हैं. लेकिन अब एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों की बुकिंग कैंसल करने पर ड्राइवरों को सामान्य पेनल्टी से 5 गुना अधिक जुर्माना भरना होगा.
यही नहीं, अगर ड्राइवर बुकिंग स्वीकार करने के बाद तय समय से 10 मिनट के भीतर यात्री तक नहीं पहुंचता है, तो इसे भी राइड रद्द करना माना जाएगा और उस पर ₹100 का जुर्माना लगेगा. खास बात यह है कि वसूला गया यह जुर्माना सीधे प्रभावित यात्री के ऐप वॉलेट में जमा होगा.
यात्रियों के लिए भी तय हुए नियम
सख्त नियम केवल ड्राइवरों के लिए ही नहीं हैं, बल्कि यात्रियों की जवाबदेही भी तय की गई है. अगर कोई यात्री बिना किसी ठोस वजह के अंतिम समय में राइड रद्द करता है, तो उसके खाते से कुल किराये का 5 फीसदी या अधिकतम ₹100 कैंसिलेशन चार्ज कटेगा, जो सीधे ड्राइवर को मिलेगा. इससे बेवजह राइड कैंसल करने की आदत पर लगाम लगेगी.
नियम तोड़ने पर कंपनियों का लाइसेंस होगा रद्द
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, सरकार ने एग्रीगेटर कंपनियों के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए हैं. अगर ऐप आधारित कंपनियां (जैसे ओला, उबर, रैपिडो) सुरक्षा मानकों में चूक करती हैं या किराए में गड़बड़ी करती हैं, तो उन पर ₹1 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. बार-बार उल्लंघन करने पर कंपनी का लाइसेंस तक रद्द कर दिया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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