Ajit Pawar plane crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का बुधवार को बारामती में विमान हादसे में निधन हो गया. जिस विमान में वे यात्रा कर रहे थे उसमें कुल पांच लोग मौजूद थे. लैंडिंग से पहले विमान अचानक नीचे गिरा और ज़मीन से टकराते ही उसमें आग लग गई. हादसा इतना भीषण था कि किसी को भी बचाया नहीं जा सका. इस घटना ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है और अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर विमान दुर्घटनाग्रस्त कैसे हुआ.
जांच में सबसे अहम सुराग
किसी भी विमान हादसे के बाद सबसे पहले जिस उपकरण की तलाश की जाती है, वह होता है ब्लैक बॉक्स. यही वह डिवाइस है जो यह बताता है कि विमान में आखिरी समय में क्या हुआ था और दुर्घटना का कारण क्या रहा. सुरक्षा एजेंसियां मलबे से इस बॉक्स को निकालकर जांच के लिए भेजती हैं ताकि असली वजह सामने आ सके.
ब्लैक बॉक्स की खासियत
ब्लैक बॉक्स दरअसल एक बेहद मजबूत रिकॉर्डिंग मशीन होती है जो हर विमान में लगाई जाती है. उड़ान के दौरान इसमें पायलट की बातचीत से लेकर तकनीकी खराबियों तक का पूरा डेटा सुरक्षित रहता है. यही वजह है कि किसी भी हादसे के बाद जांच टीमें इसे सबसे पहले खोजती हैं.
रंग से जुड़ा राज
हालांकि इसका नाम ब्लैक बॉक्स है, लेकिन असल में यह नारंगी रंग का होता है. ऐसा इसलिए ताकि मलबे में इसे आसानी से पहचाना जा सके. चमकीला रंग होने की वजह से यह दूर से ही दिखाई देता है और खोजने में ज्यादा समय नहीं लगता.
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अजित पवार की मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति को गहरा झटका दिया है. हादसे की असली वजह जानने के लिए ब्लैक बॉक्स की जांच बेहद अहम होगी. यही उपकरण बताएगा कि विमान में तकनीकी खराबी थी या कोई और कारण जिसने इस त्रासदी को जन्म दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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