Love Jihad in Maharashtra Virar: मुंबई/अंचल तिवारी: महाराष्ट्र के विरार में एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले ने एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है. एक तरफ लड़की के रिश्तेदार, MNS और कुछ हिंदू संगठन इसे लव जिहाद की एक खौफनाक साजिश बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ विरार पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर इस पूरे केस में एक नया सस्पेंस पैदा कर दिया है. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या वाकई यह कोई बड़ी साजिश है, या सिर्फ एक घरेलू विवाद?
CCTV फुटेज और ‘रिजवान’ की एंट्री (Maharashtra missing girl)
14 तारीख से लापता इस लड़की का एक सनसनीखेज CCTV वीडियो सामने आया है. रिश्तेदारों का दावा है कि इस वीडियो में लड़की के साथ ‘रिजवान’ नाम का एक युवक जाता हुआ साफ दिख रहा है. परिवार का सबसे बड़ा आरोप यह है कि यह फुटेज पुलिस ने नहीं खोजा, बल्कि परिजनों ने खुद दिन-रात एक करके इसे हासिल किया और पुलिस को सौंपा.
हिंदू संगठनों का एक्शन
परिजनों का कहना है कि पुलिस स्टेशन के कई चक्कर काटने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो हिंदू संगठनों ने खुद अपनी जांच शुरू की. एक सैलून ड्राइवर की मदद से संबंधित युवक तक पहुंचा गया, जिसके बाद लड़की एक महिला के साथ मिल गई.
संगठनों का आरोप है कि उन्होंने महिला और सैलून ड्राइवर को पकड़कर विरार पुलिस के हवाले कर दिया था, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया. इतना ही नहीं, पुलिस पर लड़की की मेडिकल जांच में भारी देरी करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है.
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पुलिस ने साफ किया इनकार
इस पूरे हंगामे पर विरार पुलिस ने अपना बिल्कुल अलग रुख साफ किया है. असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) तानाजी बर्डे के मुताबिक, यह मामला लव जिहाद का है ही नहीं. पुलिस का कहना है कि नाबालिग लड़की किसी पारिवारिक कारण से खुद ही घर छोड़कर चली गई थी. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में कोई आरोपी नहीं है. वहीं मेडिकल जांच में हुई देरी पर पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में उस वक्त कोई गायनेकोलॉजिस्ट मौजूद नहीं था, जिसकी वजह से समय लगा.
आखिर सच किसके पास है? (Love Jihad Maharashtra News)
अब एक तरफ हिंदू संगठन और परिवार लव जिहाद और साजिश का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस का साफ इनकार है. पुलिस और परिजनों के बयानों में जमीन-आसमान का फर्क है. ऐसे में इस मामले का असली सच क्या है, यह तो अब गहराई से होने वाली जांच और तथ्यों के सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगा.
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