कांग्रेस का असली हाईकमान आखिर कौन?
Karnataka Political Crisis: पिछले एक दशक में कांग्रेस कई राज्यों की सत्ता से दूर होती चली जा रही है. जहां उसकी सरकार बन रही है वहां भी कुछ न कुछ समय बात फजीहत शुरू हो जाती है. छत्तीसगढ़, राजस्थान के बाद अब कर्नाटक इन दिनों कांग्रेस के सियासी संकट का केंद्र बना हुआ है. ऐसे में अभी तक LoP राहुल गांधी का बयान तो नहीं आया जिससे पार्टी को जवाब देने पड़े लेकिन उनकी भरपाई इस बार खुद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कर दी है. कर्नाटक के सियासी संकट को लेकर उन्होंने एक बयान दिया जिससे अब सलाल किया जा रहा है कि आखिर कांग्रेस का हाईकमान है कौन?
बता दें इन दिनों कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक अलग-अलग गुटों में बंटे हुए हैं. कुछ विधायकों ने तो उपमुख्यमंत्री का मुख्यमंत्री पद में प्रमोशन कराने के लिए दिल्ली तक का दौरा कर दिया है. इस बीच बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर चालू है.
क्या बोल गए मल्लिकार्जुन खड़गे? (Mallikarjun Kharge Remark On Karnataka)
रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेंगलुरु आवास पर एक बैठक का आयोजन किया गया. इसमें मुख्यमंत्री एस सिद्धरमैया समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता और कर्नाटक सरकार के मंत्री शामिल हुए. बैठक खत्म हुई तो मीडिया के कैमरी खड़गे पर टूट पड़े. उनपर लगातार मुख्यमंत्री बदलने को लेकर सवाल दोगे गए. इसी दौरान उन्होंने ‘हाईकमान’ के ऊपर सब छोड़ने की बात कही. बस फिर क्या इसके बाद कांग्रेस निशाने पर आ गई और लोग हाईकमान का नाम पूछने लगे. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा-
‘जो भी होगा, हाईकमान करेगा. आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है. मामले में निर्णय पार्टी हाईकमान ही करेगा और इस पर वह कुछ नहीं कहना चाहते.’
आखिर कौन है हाईकमान? (Mallikarjun Kharge Congress High Command)
खड़गे के बयान पर बीजेपी समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया है. विधायक सुरेश कुमार ने X पर लिखा ‘अगर कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष हाईकमान नहीं है, तो कौन है?’ वहीं राज्य के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने संकेत दिया कि अगर राज्य में नेतृत्व परिवर्तन होता है तो वे भी सीएम पद की रेस में हैं. हालांकि हाईकमान से सीएम बदलने पर चर्चा नहीं हुई, न ही कांग्रेस विधायक दल में इस पर विचार हुआ. खड़गे के बयान पर सोशल मीडिया में भी आग भड़की हुई है.
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कांग्रेस का कर्नाटक सियासी संकट (Karnataka Political Crisis)
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के 20 नवंबर को ढाई साल पूरे होने के बाद सत्ता साझेदारी को लेकर खुली बयानबाजी शुरू हो गई है. डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाने वाले कुछ विधायक दिल्ली जाकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले, हालांकि शिवकुमार ने ऐसी किसी मुलाकात की जानकारी होने से इनकार किया. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पहले मंत्रिमंडल फेरबदल चाहते हैं, जबकि शिवकुमार का जोर पहले नेतृत्व परिवर्तन (यानी सीएम बदलने) पर है. पार्टी के भीतरी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि यदि हाईकमान कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी दे देता है तो डीके शिवकुमार के लिए रास्ता लगभग बंद हो जाएगा.
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