होली के रंग कैसे छुड़ाएं? आसान और असरदार 10 तरीके
मेरी कॉम ने पीएम मोदी से लगाई गुहार (फोटो ट्वीटर)
Mary Kom: मणिपुर में मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने की मांग को लेकर जबरदस्त बवाल मचा हुआ है. राज्य में भारी हिंसा के चलते 8 जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और पूरे राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को ठप कर दिया गया है. हालात इतने खराब हैं कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना और असम राइफल्स को तैनात किया गया है. सेना के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को ये जानकारी दी है. वहीं इसी बीच भारत की स्टार महिला मुक्केबाज चैंपियन मैरी कॉम ने पीएम मोदी और गृह मंत्री से ट्वीट कर मदद मांगी है.
मैरी कॉम ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि ‘मेरा राज्य मणिपुर जल रहा है. उन्होंने अपनी ट्वीट में आगजनी की कुछ तस्वीरें साझा कर लिखा कि मेरा राज्य मणिपुर जल रहा है. कृपया इसे बचाने के लिए मदद कीजिए.’ उन्होंने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पीएमओ, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी टैग किया है.”
इसके बाद उन्होंने आज तक से बात करते हुए कहा कि “मेरे पैरेंट्स भी सुरक्षित नहीं हैं और वो भी उधर से निकलने की सोच रहे हैं, मैं केंद्र और राज्य सरकार से सिचुएशन को कंट्रोल करने की अपील करती हूं”. मेरे पैरेंट्स को डर है कि कहीं उनका घर भी हमलावरों का शिकार ना हो जाए.
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बता दें कि मणिपुर में सेना और सशस्त्र बलों की मदद से हिंसा पर काबू पाया गया है. सेना के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 4,000 लोगों को सुरक्षाबलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया है. उन्होंने बताया कि और भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रवक्ता ने बताया कि रात में सेना और असम राइफल्स की मांग की गई थी और राज्य पुलिस के साथ सुरक्षाबलों ने सुबह तक हिंसा पर नियंत्रण पा लिया. उन्होंने बताया, “स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फ्लैग मार्च किया जा रहा है.”
इंफाल घाटी में वर्चस्व रखने वाले गैर-आदिवासी मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर चुराचांदपुर जिले के तोरबंग इलाके में ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर’ (UTSUM) द्वारा बुलाए गए ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान बुधवार को हिंसा भड़क गई. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मार्च में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया, जिसके दौरान आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच झड़पें हुईं. अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई बार आंसू गैस के गोले छोड़े.
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