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राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल: आतंकी हमलों और रासायनिक आपात स्थितियों से निपटने की व्यापक तैयारी

राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर 27-28 जून की रात CBRN आपात स्थिति और आतंकी हमले से निपटने के लिए CISF के नेतृत्व में बड़ी मॉक ड्रिल हुई, जिसमें 594 से अधिक अधिकारी शामिल हुए.

mega mock drill- rajeev chowk

Mega Mock Drill: राष्ट्रीय राजधानी के भीड़भाड़ वाले राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर 27 और 28 जून की मध्य रात्रि एक उच्च-स्तरीय CBRN (Chemical, Biological, Radiological, and Nuclear) आपात स्थिति और आतंकवादी हमलों से निपटने की तैयारी को परखने के लिए एक मल्टी-एजेंसी मेगा मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई.

इस अभियान का नेतृत्व CISF (Central Industrial Security Force) द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न सुरक्षा और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई.

इस मॉक ड्रिल में आतंकवादी हमले, hostage crisis, IED (Improvised Explosive Device) विस्फोट और chemical contamination जैसे परिदृश्यों को वास्तविक समय के आधार पर पुनः निर्मित किया गया, जिससे संकट प्रबंधन की प्रक्रियाओं, समन्वय क्षमताओं, और प्रतिक्रिया समय का परीक्षण किया जा सके.

rajeev chowk mock drill

594 से अधिक जवानों ने साझा सुरक्षा ड्रिल में लिया भाग

ड्रिल में कुल 594 से अधिक प्रशिक्षित कर्मियों ने भाग लिया. इन प्रतिभागियों में CISF, NDRF (National Disaster Response Force), NSG Black Cats (National Security Guard), DMRC (Delhi Metro Rail Corporation), Delhi Police, SWAT Teams, Intelligence Bureau (IB), NDMC, DMRP (Delhi Metro Rail Police), Delhi Civil Defence (DCD), Fire & Emergency Services, Medical Response Units, और Delhi Traffic Police के अधिकारी शामिल थे.

rajeev chowk mock drill

मेट्रो सुरक्षा और समन्वय बढ़ाने को लेकर किया गया अभ्यास

इस अभ्यास का प्राथमिक उद्देश्य बहु-एजेंसी समन्वय को सुदृढ़ करना, संकट की स्थिति में निर्णय प्रक्रिया को प्रभावी बनाना, और यात्रियों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को उच्चतम स्तर पर सुनिश्चित करना था.

यह अभ्यास विशेष रूप से मेट्रो स्टेशनों जैसी संवेदनशील शहरी परिवहन संरचनाओं में critical incident response की क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.

CISF अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की पूर्व नियोजित और समन्वित तैयारियों से न केवल आतंकवाद और आपदा प्रबंधन के प्रति राष्ट्रीय क्षमता में वृद्धि होती है, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होता है कि किसी भी संकट की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तत्परता और दक्षता से कार्य करेंगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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