प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विश्व गैंडा दिवस पर एक सींग वाले महान गैंडे (ग्रेटर वन-हॉर्नड राइनो) के संरक्षण की सराहना की और राज्यों को आर्थिक-तकनीकी मदद देने के लिए ‘प्रोजेक्ट राइनो’ शुरू करने की घोषणा की.
On World Rhino Day, we celebrate the magnificent greater one-horned rhinoceros and laud all those at the forefront of its protection.
Assam now holds nearly 80% of the world’s rhino population and Kaziranga’s efforts to end rhino poaching have been extensively appreciated.
On… pic.twitter.com/RclogJ84w1
— Narendra Modi (@narendramodi) September 22, 2026
असम और काजीरंगा की कामयाबी
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि असम के पास अब दुनिया की करीब 80 प्रतिशत गैंडा आबादी है. काजीरंगा में शिकार रोकने के प्रयास की दुनिया भर में तारीफ हुई है. वनकर्मी, वैज्ञानिक और स्थानीय समुदायों की मेहनत को उन्होंने संरक्षण की पहली पंक्ति बताया.
बिहार, बंगाल और दूधवा में वापसी
मोदी ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गैंडे या तो लौटे हैं या सुरक्षित हैं. उत्तर प्रदेश के दूधवा में पुनर्स्थापन इतिहास रच रहा है. उनके अनुसार यह रेंज राज्यों में वन्यजीव प्रबंधन और जनता की प्रतिबद्धता दिखाता है.
प्रोजेक्ट राइनो क्या करेगा
नई पहल से संरक्षण वाले राज्यों को सुरक्षा, आवास प्रबंधन, आनुवंशिक सुधार और आबादी की गति समझने में वित्तीय व तकनीकी सहायता मिलेगी. प्रोजेक्ट टाइगर और प्रोजेक्ट एलीफेंट की तर्ज पर यह प्रजाति-विशेष मिशन संरक्षण को और मजबूत करने का कदम है.
पीएम मोदी का संदेश साफ है—भारत सिर्फ गैंडे बचा नहीं रहा, उन्हें उनके पुराने इलाकों में लौटा भी रहा है. काजीरंगा से दूधवा तक यह यात्रा राजनीतिक इच्छाशक्ति, वैज्ञानिक प्रबंधन और समुदाय की भागीदारी का उदाहरण है.
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