मोदी सरकार द्वारा देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है. यह अभियान 14 वर्ष की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए शुरू किया गया है, जो भारत में महिलाओं का दूसरा सबसे आम कैंसर है.
हाल में ही पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कई लड़कियों को वैक्सीन लगवाया और लाभार्थियों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि यह अभियान देश की बेटियों को मजबूत बनाएगा और “स्वस्थ नारी, स्वस्थ भारत” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
गार्डासिल-4 वैक्सीन: एक खुराक में सुरक्षा
अभियान के तहत सिंगल-डोज गार्डासिल-4 (क्वाड्रिवैलेंट HPV वैक्सीन) का उपयोग किया जा रहा है. यह वैक्सीन HPV प्रकार 16 और 18 के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है, जो सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार हैं, साथ ही प्रकार 6 और 11 से भी बचाव करती है. बाजार में इसकी कीमत हजारों रुपये है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है. अभियान में माता-पिता की सहमति आवश्यक है.
हर वर्ष लगभग 1.15 से 1.2 करोड़ 14 वर्षीय लड़कियां (जिन्होंने 14 वर्ष पूरे किए लेकिन 15 नहीं) इस अभियान से लाभान्वित होंगी. पहले 90 दिनों में विशेष अभियान मोड में वैक्सीनेशन होगा, जिसके बाद इसे रूटीन इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा. वैक्सीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-जिला और जिला अस्पतालों, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध है. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह सुविधा है.
सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की दिशा में कदम
भारत में हर वर्ष हजारों महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित होती हैं. WHO की सिफारिशों के अनुसार सिंगल-डोज रणनीति अपनाई गई है, जो वैक्सीन को प्रभावी और पहुंच योग्य बनाती है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को दिशानिर्देश जारी किए हैं. यह पहल वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन के लक्ष्य को मजबूत करती है और लाखों लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित बनाएगी.
सरकार का कहना है कि यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रमाणित है, तथा प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी के लिए मजबूत सिस्टम तैयार है. यह कदम महिलाओं के स्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

