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2023 में 10 हज़ार से ज्यादा किसानों ने की आत्महत्या, महाराष्ट्र में सबसे अधिक 38 प्रतिशत, बिहार में एक भी नहीं: NCRB

महाराष्ट्र के बाद कृषि क्षेत्र में आत्महत्या के मामले में कर्नाटक का स्थान है, जहां 22.5 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए. इसके बाद आंध्र प्रदेश (8.6%), मध्य प्रदेश (7.2%) और तमिलनाडु (5.9%) का स्थान रहा.

Famers Suicide NCRB

प्रतीकात्मक फोटो.

मंगलवार (30 सितंबर) को जारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, देश में 2023 में आत्महत्या से 10,700 किसानों की मौत हुई, जिनमें से 38.5 प्रतिशत मामले अकेले महाराष्ट्र से दर्ज किए गए.

महाराष्ट्र के बाद कृषि क्षेत्र में आत्महत्या के मामले में कर्नाटक का स्थान है, जहां 22.5 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए. इसके बाद आंध्र प्रदेश (8.6%), मध्य प्रदेश (7.2%) और तमिलनाडु (5.9%) का स्थान रहा. 2023 में आत्महत्या करने वाले सभी 1,71,418 लोगों में से 66.2 प्रतिशत यानी 1,13,416 लोगों की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम थी.

वर्ष 2023 के दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़े कुल 10,786 लोगों ने आत्महत्या की. इनमें 4,690 किसान या खेतिहर और 6,096 खेतिहर मज़दूर शामिल थे ये आंकड़ां देश भर में दर्ज सभी आत्महत्या के मामलों का 6.3 प्रतिशत है. इसके अलावा आत्महत्या करने वाले 4,690 किसानों या खेतिहरों में से 4,553 पुरुष और 137 महिलाएं थीं. वहीं आत्महत्या करने वाले 6,096 खेतिहर मज़दूरों में से 5,433 पुरुष और 663 महिलाएं थीं.

कई राज्यों में एक भी आत्महत्या नहीं

एक तरफ जहां आंकड़े भयावह है. वहीं दूसरी ओर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किसानों, खेतिहरों या खेतिहर मज़दूरों की आत्महत्या की कोई रिपोर्ट नहीं आई. इन राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, चंडीगढ़, दिल्ली और लक्षद्वीप शामिल है.

NCRB क्या है और यह कैसे काम करता है ?

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानि NCRB, गृह मंत्रालय के अधीन एक भारतीय सरकारी एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1986 में हुई थी. यह देश भर में दर्ज अपराध संबंधी आंकड़ों को एकत्रित, संकलित, विश्लेषण और प्रसारित करने के लिए ज़िम्मेदार है.

एनसीआरबी अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के माध्यम से एक स्टैंडर्ड फॉर्मेट में में सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सालाना आंकड़े इकट्ठा करता है. इस आंकड़े में भारतीय दंड संहिता (IPC) और विशेष एवं स्थानीय कानूनों (SLL) के तहत अपराध शामिल हैं.

एनसीआरबी आमतौर पर सालाना अपनी वार्षिक “भारत में अपराध” (Crime In India) रिपोर्ट जारी करता है, जिसमें अपराध के रुझान, कानून प्रवर्तन और न्याय प्रदान करने की जानकारी दी जाती है.


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-भारत एक्सप्रेस



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