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Mount Everest Mission 2026: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने का टूटा रिकॉर्ड, भारत और चीन के पर्वतारोहियों में मची होड़

Mount Everest Mission 2026: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने का जुनून इस साल एक नया इतिहास रच रहा है. नेपाल सरकार के पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस स्प्रिंग (बसंत) सीजन में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए रिकॉर्ड तोड़ परमिट जारी किए गए हैं.

Mount Everest

Mount Everest Mission 2026: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने का जुनून इस साल एक नया इतिहास रच रहा है. नेपाल सरकार के पर्यटन विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस स्प्रिंग (बसंत) सीजन में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए रिकॉर्ड तोड़ परमिट जारी किए गए हैं. इस बार दुनिया भर के पर्वतारोही एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने के लिए बेताब हैं, जिसमें भारत और चीन के बीच सबसे बड़ी होड़ देखने को मिल रही है.

इस साल नेपाल सरकार ने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए 492 विदेशी पर्वतारोहियों को परमिट जारी किया है. यह एवरेस्ट के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इससे पहले साल 2023 में सबसे ज्यादा 479 परमिट जारी किए गए थे. इस बार कुल 50 अलग-अलग टीमें एवरेस्ट मिशन पर निकल चुकी हैं, जिनमें 387 पुरुष और 105 महिला पर्वतारोही शामिल हैं.

चीन और भारत के पर्वतारोहियों का दबदबा

माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के मामले में इस बार चीन के पर्वतारोही सबसे आगे हैं. वहीं, भारतीय जांबाज भी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं. भारत की तरफ से इस बार महिलाओं की भागीदारी बेहद शानदार है. भारत के कुल 61 पर्वतारोहियों में से 26 महिलाएं हैं, जो यह दिखाता है कि भारतीय महिलाएं पर्वतारोहण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं.

नेपाल सरकार की हुई बंपर कमाई

माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई से नेपाल सरकार के खजाने में भारी बढ़ोतरी हुई है. सिर्फ एवरेस्ट के परमिट (रॉयल्टी) बेचने से नेपाल सरकार को 1.08 अरब नेपाली रुपए (करीब 7.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की बंपर कमाई हुई है. अगर नेपाल की अन्य 30 चोटियों (जैसे ल्होत्से, आमा डब्लम) को भी मिला लिया जाए, तो कुल 1,134 परमिट जारी हुए हैं, जिससे कुल कमाई 1.24 अरब नेपाली रुपए से ज्यादा हो चुकी है.

बीते 13 मई को 14 जांबाज शेरपाओं की एक स्पेशल टीम ने एवरेस्ट के शिखर तक रस्सी बांधने (रोप-फिक्सिंग) का काम पूरा कर लिया था, जिसके बाद आम पर्वतारोहियों के लिए रास्ता आधिकारिक तौर पर खुल गया. हालांकि, इस बार ‘खुंबू आइसफॉल’ (बर्फ का खतरनाक रास्ता) में रास्ता बनाने में काफी मुश्किलें आईं.

मौसम के जानकारों ने चेतावनी दी है कि इस बार तेज हवाओं (जेट स्ट्रीम) के कारण एवरेस्ट पर मौसम लगातार बदल रहा है. ऐसे में ‘डेथ जोन’ (26,000 फीट से ऊपर का इलाका जहां ऑक्सीजन बेहद कम होती है) में पर्वतारोहियों की भारी भीड़ से ट्रैफिक जाम का खतरा भी बढ़ गया है. इस कड़े मुकाबले और खराब मौसम के बीच अब तक कुछ पर्वतारोहियों की जान जाने की दुखद खबरें भी सामने आ चुकी हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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