Boss Scam WhatsApp Fraud
Boss Scam WhatsApp Fraud: अगर आपके बॉस के नाम से अचानक वाट्सएप पर कोई मैसेज आए, जिसमें लिखा हो कि मैं मीटिंग में हूं…तुरंत ये पेमेंट कर दो…तो क्या आप पैसे ट्रांसफर कर देंगे…? देश की एक बड़ी कंपनी ने यही गलती कर दी और देखते ही देखते करोड़ों रुपए साइबर ठगों के खातों में पहुंच गए.
मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब एक ऐसे इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसे पुलिस ने ‘बॉस स्कैम’ नाम दिया है. आखिर कैसे चलता है ये पूरा खेल और कैसे महाराष्ट्र से लेकर बिहार और दिल्ली तक पुलिस ने बिछाया जाल और गिरफ्तारी की, चलिये बताते हैं.
दरअसल, देश के कई शहरों में शाखाएं रखने वाली एक बड़ी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के मोबाइल पर वाट्सएप मैसेज आया, प्रोफाइल फोटो कंपनी के डायरेक्टर की थी, इसलिए शक की कोई गुंजाइश ही नहीं थी.
एक मैसेज और हो गया खेल
मैसेज में लिखा था ‘मैं मीटिंग में हूं… कुछ जरूरी पेमेंट करनी है… तुरंत पैसे ट्रांसफर कर दो’
इसके बाद शुरू हुआ करोड़ों रुपए अलग-अलग बैंक खातों में भेजने का सिलसिला. जब तक असली डायरेक्टर से बात हुई…तब तक बहुत देर हो चुकी थी. कंपनी के खाते से 10 करोड़ 40 लाख रुपए से ज्यादा साइबर ठग निकाल चुके थे. यही मॉडस ऑपरेंडी देखकर मुंबई पुलिस ने इस नए साइबर फ्रॉड का नाम रखा ‘बॉस स्कैम’.
संगठित नेटवर्किंग के जरिये करते थे ठगी
मुंबई क्राइम ब्रांच की दक्षिण साइबर पुलिस के लिए ये सिर्फ एक साइबर फ्रॉड नहीं था, बल्कि पूरे देश में फैले एक संगठित नेटवर्क तक पहुंचने की चुनौती थी. तकनीकी और बैंकिंग ट्रेल खंगाले गए, हर ट्रांजेक्शन की परत खोली गई और तीन राज्यों में एक साथ कार्रवाई शुरू की गई.
पहले महाराष्ट्र के जालना, फिर बिहार के सीवान और उसके बाद दिल्ली में पुलिस ने लगातार छापेमारी के बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सामने आया कि गिरोह बैंक खातों का इंतजाम करता था. फिर रकम अलग-अलग खातों में घुमाई जाती थी और उसके बाद ठगी के पैसों से सोना खरीदकर मनी ट्रेल छिपाने की कोशिश की जाती थी.
5 करोड़ से ज्यादा की रकम फ्रीज
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी वैसे-वैसे इस गिरोह की परतें खुलती चली गईं. पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और कई डिजिटल सबूत बरामद किए हैं. सबसे बड़ी राहत ये रही कि समय रहते कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 5 करोड़ 63 लाख 98 हजार रुपए से ज्यादा रकम बैंक खातों में फ्रीज करा दी. लेकिन जांच एजेंसियों का मानना है कि ये सिर्फ शुरुआत है, क्योंकि इस पूरे नेटवर्क में बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले, कैश निकालने वाले, सोना खरीदने वाले और फर्जी पहचान बनाने वाले कई और चेहरे अभी सामने आने बाकी हैं.
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अब मुंबई पुलिस की नजर इस पूरे रैकेट के असली मास्टरमाइंड पर है. जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के नामी ज्वेलर्स से सोना खरीदा गया. इसी सुराग पर पुलिस की टीमें कई राज्यों में लगातार जांच कर रही हैं. सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसी ‘बॉस स्कैम’ के जरिए देश की दूसरी बड़ी कंपनियों को भी निशाना बनाया गया है.
(IANS के इनपुट पर आधारित)
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