Bihar News: मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद का मामला गरमा गया है. चिराग पासवान की पार्टी के बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू के भाई और समर्थकों पर जमीन पर कब्जा करने और बाउंड्री तोड़ने का आरोप लगा है. इस मामले में कुल 23 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें तीन मामलों में खुद विधायक अमित रानू का नाम भी शामिल है.
मामले में कितने लोग नामजद?
विधायक के भाई, रिश्तेदार और आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को नामजद किया गया है. वहीं 100 से अधिक अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. सीतामढ़ी स्थित विधायक के दफ्तर से हथियारों के साथ दो अपराधियों को पकड़ा गया था.
अबतक पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच में ‘भू माफिया प्रोडक्शन गैंग’ के संचालन के सबूत मिले हैं. इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को भी पत्र भेजा गया है. पुलिस ने विधायक के अहियापुर स्थित घर, सीतामढ़ी के कार्यालय और करीब डेढ़ दर्जन अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है.
EOU की मदद से होगी जांच
पुलिस ने कहा कि चिन्हित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. गिरफ्तार और नामजद आरोपियों के पुराने मामलों की भी जांच की जाएगी. उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें EOU की टीम सहयोग करेगी. सूत्रों के अनुसार, विधायक के भाई और समर्थकों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद केस दर्ज किए गए.
रिश्तेदारों के घर पर रेड
रविवार देर रात पुलिस ने विधायक के रिश्तेदार संतोष सिंह और कुणाल सिंह के भीखनपुरा स्थित घर पर छापेमारी की. पुलिस को सूचना मिली थी कि नामजद आरोपी वहां मौजूद हैं. वहीं, संतोष सिंह ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में एसएसपी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ परिवाद दायर कर दिया है.
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विधायक ने क्या कहा?
छापेमारी के बाद विधायक अमित रानू ने इसे पुलिस की ‘मीडिया में आने के लिए बनाई गई रणनीति’ बताया. इस बीच, उनके दफ्तर से पकड़े गए अपराधियों के साथ कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जिससे मामला और गरमा गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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