आज के दिन पूरा भारत वर्ष ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ के रूप में मना रहा है. ये दिन इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. ये दिन न सिर्फ लोकतंत्र का उत्सव है, बल्कि हर नागरिक को उसकी सबसे बड़ी ताकत यानी वोट की महत्वता को बताता है. इस खास अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि एक सही वोट हमारे देश को सही दिशा दिला सकता है.
सही वोट ही देश को दिखाता दिशा- Amit Shah
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिए ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ की शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे संविधान ने हर वोटर को बराबर शक्ति दी है, और सही वोट हमारे देश को सही दिशा दिखा सकता है.
Warm greetings to all our citizens on ‘National Voters Day’.
This day reminds us that our constitution has given every voter equal power, and the right vote can show our nation the right direction. It is our moral responsibility to safeguard our voting system and ensure that no… pic.twitter.com/U3DovRFKlT
— Amit Shah (@AmitShah) January 25, 2026
अमित शाह ने ये भी बताया कि ये हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि कि हम अपनी वोटिंग सिस्टम की रक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई बाहरी कारक इसे दूषित न कर सके.
आखिर में उन्होंने कहा, ‘इस दिन हम खुद को इस प्रतिज्ञा के लिए फिर से समर्पित करें कि हम अपने वोटों की शक्ति का इस्तेमाल एक विकसित और शक्तिशाली भारत बनाने के लिए करेंगे.’
क्या है इस दिन का महत्व?
ये दिन यानी राष्ट्रीय मतदाता दिवस का इतिहास 25 जनवरी 1950 से जुड़ा है, जिस दिन भारतीय निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी. लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की घटती भागीदारी को देखते हुए, भारत सरकार ने वर्ष 2011 में इस दिन को आधिकारिक रूप से ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ घोषित किया. इसका मुख्य उद्देश्य नए मतदाताओं की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करना है.
लोकतंत्र की नींव को करता मजबूत
इसका महत्व इस बात में निहित है कि यह नागरिकों को उनके मताधिकार की शक्ति और जिम्मेदारी का एहसास कराता है. यह दिवस निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के प्रति जागरूकता फैलाकर लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है. इस अवसर पर देश भर में मतदाताओं को यह शपथ दिलाई जाती है कि वे जाति, धर्म या किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना अपने विवेक से वोट देंगे. ये दिन केवल एक उत्सव नहीं बल्कि समावेशी लोकतंत्र को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है.
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-भारत एक्सप्रेस
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