Bharat Express DD Free Dish

अस्पताल में सीसीटीवी और गार्ड्स के बावजूद दलालों का बड़ा खेल, परिजनों के विरोध के बाद गर्भवती महिला को ऐसी हालत में छोड़ भागे

Pregnant Woman Nawada Case: नवादा सदर अस्पताल में इलाज के लिए आई एक गर्भवती महिला को दलालों ने बहला-फुसलाकर निजी क्लिनिक ले जाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों के विरोध के बाद वे महिला को बीच सड़क पर ही छोड़कर भाग निकले.

Nawada Case Image

Nawada Case Image

Pregnant Woman Nawada Case: बिहार के नवादा सदर अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. अस्पताल परिसर में सुरक्षा दावों और सीसीटीवी कैमरों को धता बताते हुए दलालों ने खून की कमी से जूझ रही एक गर्भवती महिला को जबरन निजी क्लिनिक में शिफ्ट करने की कोशिश की. इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है (Bihar Crime).

नवादा सदर अस्पताल में गोविंदपुर से आई एक गर्भवती महिला को इलाज के बहाने दलालों द्वारा ₹16,000 में निजी क्लिनिक ले जाने का मामला सामने आया है. महिला का दिव्यांग पति जब उसे ढूंढने निकला तो स्थानीय लोगों की मदद से दलाल महिला को पकड़ा गया, जिसके बाद दलाल पीड़िता को बीच सड़क पर छोड़कर भाग गई. पीड़िता को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं इस घटना ने अस्पताल में सीसीटीवी और सुरक्षा के बावजूद सक्रिय दलालों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

क्या है पूरा मामला?

नवादा सदर अस्पताल में दलालों की सक्रियता का एक शर्मनाक मामला सामने आया है. गोविंदपुर प्रखंड से आई एक गंभीर गर्भवती महिला को खून चढ़ाने के लिए अस्पताल लाया गया था. जब परिजन डॉक्टरों से मिलने गए, तभी अस्पताल में सक्रिय दलालों ने ₹16,000 में बेहतर इलाज का झांसा देकर महिला को वार्ड से बाहर निकाल लिया.

बीच सड़क पर असहाय छोड़कर फरार (Nawada Sadar Hospital Brokers)

जब महिला का दिव्यांग पति उसे ढूंढने निकला, तो स्थानीय लोगों ने एक दलाल महिला द्वारा उसे ले जाने की जानकारी दी. परिजनों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पीछा किया और दलाल महिला को पकड़ लिया. हंगामा बढ़ता और कानूनी कार्रवाई का डर देख दलाल महिला गर्भवती महिला को बीच सड़क पर ही असहाय छोड़कर फरार हो गई. इसके बाद पीड़ित महिला किसी तरह अकेले पैदल चलकर वापस अस्पताल पहुंची, जहां उसे दोबारा भर्ती कराया गया.

सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे (Pregnant Woman Nawada)

इस घटना ने स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल उठ रहे हैं कि चौबीसों घंटे सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद अस्पताल परिसर में दलाल इतने बेखौफ कैसे घूम रहे हैं और उनके खिलाफ कोई सख्त एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा है.

यह भी पढ़ें:  व्हाट्सएप पर यूजरनेम रखना सुरक्षित या खतरनाक? सरकार के कड़े रुख के बीच कंपनी ने दिया यह जवाब

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read