राजस्थान की मारवाड़ की धरती इस वर्ष दिसंबर में विज्ञान और शोध के क्षेत्र में एक नए इतिहास की साक्षी बन गई है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर में 5 से 7 दिसंबर 2025 तक युवा जैवचिकित्सा वैज्ञानिक सोसायटी (SYBS India) के तत्वावधान में छठा विज्ञान सम्मेलन एवं राष्ट्रीय जैवचिकित्सा शोध प्रतियोगिता (NBRCOM 2025) आयोजित की गया.
इस आयोजन में देश और विदेश के सात सौसे अधिक डॉक्टर, वैज्ञानिक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया. यह सम्मेलन न केवल नए शोध व नवाचारों का मंच बना, बल्कि आने वाले समय में विज्ञान की दिशा और भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
विज्ञान और नवाचार का महासंगम
सम्मेलन में तीन प्रमुख श्रेणियों- जीव विज्ञान, स्वास्थ्य विज्ञान, औषधि विज्ञानमें शोध प्रस्तुत किए गए. युवा और वरिष्ठ वैज्ञानिक अपनी खोज, उपलब्धियां और नए विचार साझा किया गया है.विजेताओं को कुल 15 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि प्रदान की गई. साथ ही उत्कृष्ट प्रतिभा दिखाने वाले युवा वैज्ञानिकों एवं प्रतिभागी छात्रों को प्रतिष्ठित युवा शोधकर्ता सम्मान प्रदान किया गया.
आयोजन अधयक्ष ने क्या कहा?
आयोजन अध्यक्ष प्रो. अमित गोयल ने कहा, “भारत का विज्ञान आज वैश्विक पटल पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है, और NBRCOM जैसे आयोजन इस पहचान को और ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने आगे कहा कि NBRCOM 2025 केवल एक शैक्षणिक सम्मेलन नहीं, बल्कि वरिष्ठचिकित्सकोंएवंवैज्ञानिकों के अनुभव और युवा पीढ़ी की ऊर्जा का अद्वितीय संगम है.

युवा जैवचिकित्सा वैज्ञानिक सोसायटी (SYBS India) के अध्यक्ष डॉ. रोहिताश यादव का कहना है कि यह मंच केवल पुरस्कार का माध्यम नहीं, बल्कि विज्ञान की नई सोच और शोध को दुनिया तक पहुंचाने का अवसर है. डॉ. यादव का मानना है कि नोबेल जैसे बड़े सम्मान प्रायः वैज्ञानिकों को जीवन के अंतिम चरण में मिलते हैं, लेकिन यदि युवा शोधकर्ताओं एवं छात्रों को करियर की शुरुआत में ही मंच मिल जाए, तो वे विज्ञान की दिशा बदल सकते हैं. इसी उद्देश्य से युवा शोधकर्ता सम्मान की शुरुआत की गई है.

दिग्गज वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन
इस सम्मेलन को दिशा देने के लिए देश के अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं राष्ट्रीय संस्थानों के निदेशक मार्गदर्शक के रूप में जुड़े हैं.
मुख्य संरक्षक
- प्रो. मिनु सिंह, कार्यकारी निदेशक, AIIMS Rishikesh
- प्रो. अरविंद सिन्हा, कार्यकारी निदेशक, AIIMS Kalyani
- प्रो. प्रशांत पी. जोशी, कार्यकारी निदेशक, AIIMS Nagpur
- प्रो. विभा टंडन, निदेशक, CSIR–IICB, Kolkata
- प्रो. टी. एस. राव, पूर्व वरिष्ठ सलाहकार, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार
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इसके अतिरिक्त CSIR, ICMR, AIIMS, IITs, केंद्रीय विश्वविद्यालयों तथा अन्य राष्ट्रीय चिकित्सा एवं शोध संस्थानों के कई नामचीन चिकित्सक और वैज्ञानिक भी इस आयोजन का संरक्षण एवं सहयोग प्रदान कर रहे हैं. यह महाकुंभ एक सक्षम एवं अनुभवी नेतृत्व टीम के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है.
- प्रो. पंकजा राघव, विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्साशास्त्र, AIIMS Jodhpur
- प्रो. विजय हड्डा, फेफड़े रोग विभाग, AIIMS New Delhi
- डॉ. अमित गोयल, विभागाध्यक्ष, ENT, AIIMS Jodhpur
- डॉ. रोहिताश यादव, अध्यक्ष, SYBS India
- डॉ. जगदीश गोयल, AIIMS Jodhpur
- डॉ. विदहु शर्मा, AIIMS Jodhpur
- डॉ. धीरेंद्र ताक, AIIMS Jodhpur
-भारत एक्सप्रेस
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