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Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरिया की एंट्री, ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात और मॉस्को धमाके से बढ़ा तनाव

Russia Ukraine War: उत्तर कोरिया ने पहली बार स्वीकार किया कि उसके सैनिक रूस के लिए यूक्रेन युद्ध में लड़ रहे हैं. ट्रंप और जेलेंस्की की वेटिकन में मुलाकात और रूस के हमलों से हालात और गंभीर हुए.

Russia Ukraine War

Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) में नया मोड़ आया है. उत्तर कोरिया ने पहली बार स्वीकार किया कि किम जोंग-उन के आदेश पर उसके सैनिक रूस के कुर्स्क क्षेत्र में लड़ रहे हैं. यह खुलासा तब हुआ जब वेटिकन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की गुप्त मुलाकात ने दुनिया को चौंका दिया. इस बीच, रूस ने यूक्रेन पर मॉस्को के पास बम धमाके का आरोप लगाया, और यूक्रेन पर रूसी हमले लगातार जारी हैं.

उत्तर कोरिया का युद्ध में दखल

उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी KCNA ने खुलासा किया की 2024 में रूस के साथ हुए रणनीतिक समझौते के तहत किम जोंग-उन ने सैनिक भेजे हैं. किम ने अपने सैनिकों को “मातृभूमि का गौरव” और रूस के साथ गठजोड़ को “शानदार” बताया. यूक्रेन का अनुमान है कि 11,000 उत्तर कोरियाई सैनिक रूस के लिए लड़ रहे हैं. रूस ने 26 अप्रैल को इसकी पुष्टि की कि किम के सैनिक कुर्स्क में उसका साथ दे रहे हैं.

ट्रंप-जेलेंस्की की वेटिकन से मुलाकात

26 अप्रैल को वेटिकन के सेंट पीटर बेसिलिका में ट्रंप और जेलेंस्की की अप्रत्याशित मुलाकात ने सबको हैरान किया. व्हाइट हाउस में दोनों के बीच तीखी बहस के बाद यह मुलाकात हुई. ट्रंप ने दावा किया कि जेलेंस्की अब “शांत” हैं और समझौता चाहते हैं. उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हमले रोकने और समझौता करने की मांग की. ट्रंप के इस दावे कि जेलेंस्की क्रीमिया रूस को सौंपने को तैयार हैं, को जेलेंस्की ने खारिज कर दिया.

कुर्स्क में जंग

अगस्त 2024 में यूक्रेन ने कुर्स्क पर हमला कर रूस को झटका दिया था. लेकिन मार्च 2025 में रूस ने जवाबी हमला शुरू किया और सुड्झा जैसे कई इलाके वापस ले लिए. अब यूक्रेन केवल कुछ सीमावर्ती गांवों तक सिमट गया है. जेलेंस्की का कहना है कि उनकी सेना कुर्स्क में डटी है, जबकि रूस दावा करता है कि यूक्रेनी सैनिक जल्द खत्म हो जाएंगे.

मॉस्को कार बम धमाका

रूस ने यूक्रेन पर गंभीर आरोप लगाया है. शुक्रवार को मॉस्को के पास हुए कार बम धमाके में रूसी जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की हत्या के लिए एक “यूक्रेनी एजेंट” इग्नात कुजिन को जिम्मेदार ठहराया गया. रूस का दावा है कि कुजिन को यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी (SBU) ने भर्ती किया था. जांच के मुताबिक, कुजिन ने मॉस्को से 32 किमी दूर बालाशिखा में वह कार खरीदी, जिसमें विस्फोट हुआ. उसे 18,000 डॉलर का लालच दिया गया. रूस का कहना है कि कुजिन ने कबूल किया कि उसने विस्फोटक लगाया, जिसे यूक्रेन से रिमोट द्वारा उड़ाया गया. रविवार को मॉस्को की अदालत ने कुजिन को डेढ़ महीने की हिरासत में भेज दिया.

रूस के हमले जारी

27 अप्रैल को रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और हवाई हमले किए, जिसमें 4 लोग मारे गए, जिनमें 3 डोनेट्स्क में. रूस की बढ़ती आक्रामकता से शांति की उम्मीदें कम हो रही हैं.

जर्मनी की चेतावनी

जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्तोरियस ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि यूक्रेन को अपनी सारी जमीन रूस को नहीं देनी चाहिए, क्योंकि यह “आत्मसमर्पण” जैसा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चेतावनी दी कि अगर रूस और यूक्रेन जल्द समझौता नहीं करते, तो अमेरिका शांति प्रयास छोड़ सकता है.

अमेरिका का डील करने का दबाव

अगर अमेरिका विदश मंत्री रुबियो ने चेताया कि अगर रुस और यूक्रेन जल्द से जल्द डील नहीं करता है तो अमेरिका शांति प्रयास छोड़ सकता है. साथ ही रुबियो ने यह भी कहा कि हमें जल्द से जल्ज इसका नतीजा चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस



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