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16 विपक्षी दलों ने PM को लिखा संयुक्त पत्र, ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष संसद सत्र की मांग तेज

दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की अहम बैठक में विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को एक संयुक्त पत्र लिखकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’, पहलगाम और अमेरिका द्वारा घोषित सीजफायर जैसे मुद्दों पर विशेष संसद सत्र बुलाने की माँग की। 16 प्रमुख दलों के नेताओं ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए.

special Parliament session on Operation Sindoor intensifies

आज विपक्ष ने एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संयुक्त पत्र लिखा है. इस पत्र में “ऑपरेशन सिंदूर”, पहलगाम और पूंछ में हुई घटनाएं, और अमेरिका द्वारा घोषित सीजफायर जैसे अहम मुद्दों पर विशेष संसद सत्र बुलाने की माँग की गई है. इस पहल पर INDIA गठबंधन के 16 प्रमुख दलों के नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं.

दिल्ली में INDIA ब्लॉक की अहम बैठक

आज राजधानी दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें विपक्ष ने सरकार की विदेश और सुरक्षा नीति पर गभीर सवाल उठाए. बैठक में शामिल दल:

कांग्रेस ,समाजवादी पार्टी ,णमूल कांग्रेस ,डीएमके ,शिवसेना (उद्धव गुट),राष्ट्रीय जनता दल ,नेशनल कॉन्फ्रेंस ,सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआईएमएल,IUML, RSP, JMM, VCK,केरल कांग्रेस, MDMK

बैठक में फैसला लिया गया कि इन मुद्दों पर सरकार को संसद में जवाबदेह बनाया जाए और इसके लिए प्रधानमंत्री को एक संयुक्त पत्र लिखा जाए.

राहुल गांधी की पहल से बनी साझा रणनीति

सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी इस सामूहिक पत्र के प्रमुख प्रस्तावक थे. शुरुआत में यह प्रयास केवल कांग्रेस सांसदों तक सीमित था, लेकिन राहुल गांधी ने इसे पूरे INDIA गठबंधन की ओर से पेश करने पर ज़ोर दिया.

उन्होंने इसके लिए अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, टीआर बालू और आदित्य ठाकरे से संपर्क किया, जबकि केसी वेणुगोपाल, गौरव गोगोई, के. सुरेश, माणिकम टैगोर और मोहम्मद जावेद ने अन्य दलों से संवाद स्थापित किया.

बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार पर कई तीखे सवाल उठाए:

रामगोपाल यादव (सपा सांसद)

“दुनिया को सब बताया जा रहा है, लेकिन देश की जनता को नहीं. क्या विदेश नीति हमारी थी? कितने देश हमारे साथ थे?”

संजय राउत (शिवसेना – उद्धव गुट)

हमने जो पत्र लिखा है वह सामान्य नहीं, यह देश की आवाज़ है. अगर ट्रंप के कहने पर युद्धविराम हो सकता है, तो हमारे कहने पर सत्र क्यों नहीं?”

मनोज झा (राजद सांसद)

पहलगाम एक राष्ट्रीय पीड़ा थी, और अब ऑपरेशन सिंदूर. विदेशी राष्ट्राध्यक्ष बयान दे रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री मौन हैं. ये सिर्फ विपक्ष का नहीं, पूरे देश का मामला है.”

इस पत्र पर सबसे पहले हस्ताक्षर करने वालों में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं. कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि जब अमेरिका ने सीजफायर की घोषणा की, तब विपक्ष ने सरकार को पूरा समर्थन दिया था, लेकिन अब पारदर्शिता और संसद में बहस की ज़रूरत है.

DMK की अनुपस्थिति पर सफाई

बैठक में DMK की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठे, जिस पर टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने स्पष्ट किया कि “करुणानिधि की जयंती” के चलते DMK बैठक में शामिल नहीं हो सकी, लेकिन वह इस पहल के समर्थन में है.

INDIA गठबंधन की यह पहल सरकार पर बड़ा राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है. राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और कूटनीतिक संवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की माँग अब एकजुट विपक्ष की आवाज़ बन चुकी है. अब निगाहें प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और संसद के अगले कदम पर टिकी हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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