प्रतिकात्मक फोटो.
Punjab Blackout Drill: पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच जंग का खतरा मंडरा रहा है. सोमवार कौ भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की. भारत संभावित जंग जैसे हालात से निपटने के लिए अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रहा है. रविवार रात को पंजाब के फिरोजपुर कैंटोनमेंट में ‘ब्लैकआउट’ का अभ्यास किया गया.
अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती कस्बे में रात 9 बजे से 9:30 बजे तक ब्लैकआउट अभ्यास किया गया. उन्होंने बताया कि रात 9 बजे सायरन बजने के बाद इलाके की सभी लाइटें बंद कर दी गईं. इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया गया कि घरों में इनवर्टर या जेनरेटर से भी किसी तरह की लाइट उपयोग न हो और वाहनों की लाइटें भी बंद कराई गई. इससे पहले फिरोजपुर कैंटोनमेंट बोर्ड ने डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा को ब्लैकआउट अभ्यास करने के बारे में लिखा गया था.
पत्र में कहा गया, “आपसे अनुरोध है कि इस अवधि के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, क्योंकि पूरी तरह से ब्लैकआउट है. इस अभ्यास का उद्देश्य मौजूदा युद्ध खतरों के दौरान ब्लैकआउट प्रक्रियाओं को लागू करने में तैयारी और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है. इस अभ्यास को सफल बनाने में आपका समर्थन और सहयोग महत्वपूर्ण है.”
ब्लैकआउट एक नियमित तैयारी अभ्यास का हिस्सा था
दीपशिखा शर्मा ने एक बयान में कहा कि “ब्लैकआउट एक नियमित तत्परता अभ्यास का हिस्सा था. छावनी क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति रात 9 बजे से 9:30 बजे तक बंद रही. घबराने की कोई जरूरत नहीं है. प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और जरूरत पड़ने पर जवाब देने के लिए तैयार है.”
इस बीच, डीआईजी हरमनबीर गिल ने कहा कि पुलिस इलाके में सभी असामाजिक तत्वों, ज्ञात अपराधियों और तस्करों पर कड़ी निगरानी रख रही है. डीआईजी ने कहा कि वाहनों की आवाजाही पर नज़र रखने के लिए टोल बैरियर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है, जबकि सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नज़र रखी जा रही है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गश्त बढ़ा दी है, जबकि पंजाब पुलिस ने एहतियात के तौर पर सभी रणनीतिक स्थानों पर चौकियाँ स्थापित की हैं.
भारत कर रहा अपनी तैयारी
जम्मू कश्मीर के बैसरन घाटी में हुए पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. भारत ने हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े फैसले लिए हैं, जिसमें एयरस्पेस बंद, पाकिस्तानी उच्चायोग में स्टाफ में कटौती और सिंधु समझौता रद्द और कई अन्य उपाय शामिल हैं. मगर भारत ने अब तक कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की है. बीते दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक भाषण में आतंक की बची-खुची जमीन खत्म करने की घोषणा की. पीएम मोदी ने सेना को जवाबी कार्रवाई करने के लिए समय और लक्ष्य तय करने के लिए पूरी आजादी दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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