राहुल गांधी और गजेंद्र सिंह शेखावत
Parliament Monsoon Session: संसद का माननसून सत्र चल रहा है. इस दौरान सदन में सियासत भी गरमाई हुई है. विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. वहीं सरकार विपक्ष के हमलों का जवाब दे रहा है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी पर जोरदार पलटवार किया है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि संविधान की किताब जेब में लेकर घूमने वाले लोग एक दिन किसी कोने में सिमटकर रह जाएंगे.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जो लोग संविधान की किताब जेब में लेकर घूमते हैं और संवैधानिक संस्थानों का अपमान करते हैं, देश इन सब चीजों को देखता है. जनता ऐसे लोगों के व्यवहार को देखती है, उन्हें समझती है और पहचानती भी है. इसके बाद चुनाव का समय आने पर उन लोगों को उनके हिसाब से जनता जवाब देती है.
संवाद लोकतंत्र का जरूरी माध्यम
शेखावत ने कहा कि इसीलिए आपने देखा होगा कि संविधान की किताब जेब में लेकर घूमने के बावजूद वह हाशिए पर हैं और सिमटते जा रहे हैं. मुझे लगता है कि कहीं एक दिन वह सिर्फ कोने में सिमटकर न रह जाएं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संवाद लोकतंत्र का पहला जरूरी माध्यम है और जो लोग इसे बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, वे लोकतंत्र की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं.
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस सदन में इस देश की जनता और हमारे मतदाता बड़ी उम्मीदों के साथ हमें लोकतांत्रिक तरीके से देश के विकास पर चर्चा करने के लिए चुनते हैं, उसी मंच का इस्तेमाल अब निजी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए किया जा रहा है. मेरे विचार से लोकतंत्र के लिए इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं है.
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इस दौरान गजेंद्र सिंह शेखावत ने तेजस्वी यादव के ‘चुनाव बहिष्कार’ वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की जीत दिखाई दे रही है. बिहार में चुनाव परिणाम आने से पहले अपनी हार पर खीज मिटाने और अपनी छवि बचाने के लिए विपक्ष के नेता ऐसे बयान दे रहे हैं.
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