Wildlife Conservation In MP: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित गांधी प्राणी उद्यान से एक सुखद खबर सामने आई है. यहाँ सफेद बाघिन ‘मीरा’ ने एक बार फिर तीन नन्हे शावकों को जन्म दिया है. सोमवार दोपहर करीब 2 बजे चिड़ियाघर के गलियारों में इन नन्हे मेहमानों की किलकारी गूंजी. इन तीन शावकों में से एक सफेद रंग का है, जबकि दो पीले (नॉर्मल टाइगर कलर) रंग के हैं. शावकों के जन्म के बाद चिड़ियाघर प्रबंधन और पर्यटकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
सफेद बाघिन ‘मीरा’ ने बनाई हैट्रिक
बाघिन मीरा ने तीसरी बार तीन शावकों को जन्म देकर एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. वह इस चिड़ियाघर की पहली ऐसी बाघिन बन गई है जिसने लगातार तीसरी बार तीन-तीन शावकों को जन्म देकर ‘हैट्रिक’ पूरी की है. इससे पहले 20 अप्रैल 2023 को भी मीरा ने तीन शावकों को जन्म दिया था. चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव के अनुसार, वर्तमान में मां और तीनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं.

21 महीने बाद बढ़ा टाइगर का कुनबा
ग्वालियर चिड़ियाघर अब धीरे-धीरे टाइगर ब्रीडिंग सेंटर के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. इस चिड़ियाघर में साल 2011 से बाघों के प्रजनन की शुरुआत हुई थी और तब से लेकर अब तक यहाँ कुल 21 शावकों का जन्म हो चुका है. इन तीन नए शावकों के आने से अब चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है. यदि पिछले साल दो बाघों को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अहमदाबाद नहीं भेजा जाता, तो यह संख्या आज 12 होती.
आइसोलेशन और स्पेशल डाइट
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए मीरा और उसके तीनों शावकों को फिलहाल 25 से 30 दिनों के लिए आइसोलेशन (एकांत) में रखा गया है. इस दौरान वहां किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है. सीसीटीवी कैमरों के जरिए उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. बाघिन की सेहत का ख्याल रखते हुए उसे हल्का और पौष्टिक आहार जैसे चिकन सूप, दूध और उबले अंडे दिए जा रहे हैं ताकि वह शावकों को अच्छे से फीड करा सके.
यह भी पढ़िए: 95 हजार में बिका है ये एक बकरा, 130 किलो वजन..ऊंचाई चार फीट से ज्यादा, जान लीजिए— मालिक क्या खिलाता-पिलाता था?
ग्वालियर जू का एक्सचेंज प्रोग्राम
ग्वालियर चिड़ियाघर ने ब्रीडिंग के मामले में इतनी सफलता हासिल की है कि यहाँ से बाघों को जयपुर, बिलासपुर, नैनीताल और अहमदाबाद जैसे शहरों के चिड़ियाघरों में भेजा गया है. इन बाघों के बदले ग्वालियर चिड़ियाघर को अन्य दुर्लभ प्रजातियों के वन्य प्राणी मिले हैं, जिससे यहाँ की विविधता बढ़ी है.
बाघों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
अहम डेटा
- भारत में कुल बाघों की संख्या लगभग 3,682 (2022 की गणना के अनुसार)
- सर्वाधिक बाघों वाला देश भारत (दुनिया के 75% बाघ यहीं हैं)
- भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ (1973 में घोषित, इससे पहले शेर था)
- टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया मध्य प्रदेश (785 बाघों के साथ पहले स्थान पर)
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
