प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर श्रीमद्भगवद्गीता का एक बेहद प्रेरणादायक श्लोक साझा करते हुए देशवासियों को कर्मयोग का गहरा संदेश दिया है. पीएम मोदी ने गीता के 18वें अध्याय ‘मोक्षसंन्यासयोग’ के 45वें श्लोक का जिक्र करते हुए जीवन में अपने कर्तव्यों और स्वाभाविक कर्मों के महत्व को रेखांकित किया.
पीएम मोदी ने शेयर किया श्लोक
प्रधानमंत्री ने श्लोक “स्वे स्वे कर्मण्यभिरतः संसिद्धिं लभते नरः. स्वकर्मनिरतः सिद्धिं यथा विन्दति तच्छृणु..” साझा करते हुए इसका भावार्थ समझाया. उन्होंने लिखा कि जो मनुष्य अपने-अपने स्वाभाविक कर्मों में निष्ठा और तत्परता से लगे रहते हैं, वे परम सिद्धि को प्राप्त करते हैं. पीएम ने कहा कि हर व्यक्ति को यह अवश्य जानना चाहिए कि अपने निर्धारित कर्मों का ईमानदारी से पालन करते हुए सिद्धि का मार्ग कैसे प्रशस्त किया जाता है.
दिया गीता का अमर संदेश
श्रीमद्भगवद्गीता के इस अध्याय में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को उपदेश देते हैं कि हर व्यक्ति का कर्म उसके स्वभाव और प्रकृति के अनुसार तय होता है. व्यक्ति को किसी दूसरे के काम की नकल करने के बजाय अपने स्वभाव के अनुकूल कर्म पूरी ईमानदारी से करने चाहिए. उदाहरण के तौर पर, एक शिक्षक का धर्म पढ़ाना, सैनिक का देश की रक्षा करना और किसान का अन्न उपजाना है. जब हर कोई अपना कर्तव्य निभाता है, तो समाज में अद्भुत संतुलन बना रहता है.
‘आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है कर्मयोग’
पीएम मोदी का यह सुभाषित संदेश स्पष्ट करता है कि अपने स्वभाव के अनुरूप कर्तव्यों का निर्वहन करने से व्यक्ति सहज महसूस करता है. यह न केवल आध्यात्मिक विकास की ओर ले जाता है, बल्कि समाज और व्यक्ति की आत्मा दोनों के लिए परम लाभदायक सिद्ध होता है. अपनी योग्यताओं का रचनात्मक उपयोग करने से मन को सच्ची शांति और आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है.
क्षमता बढ़ने के साथ बढ़ता है दायित्व, उन्नति का खुलता है द्वार
श्लोक का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जैसे-जैसे व्यक्ति की क्षमताएं और अनुभव बढ़ते हैं, उसका ‘स्व-धर्म’ भी विस्तृत होता जाता है. इस प्रकार व्यक्ति नई जिम्मेदारियों को स्वीकार कर सफलता की अगली सीढ़ी पर चढ़ता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर विभिन्न सनातन ग्रंथों के श्लोक और सुभाषित साझा कर देशवासियों को राष्ट्र निर्माण और सकारात्मकता के लिए प्रेरित करते रहते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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