प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तमिल नववर्ष ‘पुथांडु’ के पावन अवसर पर देश-दुनिया में बसे तमिल समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं. प्रधानमंत्री ने तमिल संस्कृति की गौरवशाली विरासत की सराहना करते हुए इसे साहित्य, कला और दर्शन के क्षेत्र में विश्व का अनमोल रत्न बताया. आज, 14 अप्रैल को चिथिरै माह के पहले दिन के साथ ही तमिल कैलेंडर के नए वर्ष की शुरुआत हो गई है.
सांस्कृतिक वैभव और नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (X) पर पुथांडु के अवसर पर शुभकामना दी. पीएम मोदी ने अपने पोस्ट के द्वारा कहा, ‘पुथांडु के विशेष अवसर पर सभी को शुभकामनाएं. तमिल संस्कृति साहित्य, संगीत, कला और दर्शन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर एक अत्यंत समृद्ध विरासत रखती है.’
Best wishes on the special occasion of Puthandu. pic.twitter.com/JK6O44gnEm
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
प्रधानमंत्री ने कामना की कि ये नया वर्ष सभी के जीवन में खुशहाली, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए. साथ ही, उन्होंने समाज में नवीनीकरण और बढ़ती एकता पर भी बल दिया.
समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक
इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दो पारंपरिक शुभकामना कार्ड भी जारी किए गए. इन कार्ड्स में मंगल कलश, आम के पत्ते, नारियल और प्रज्वलित दीपक जैसे मांगलिक प्रतीकों को दर्शाया गया है, जो भारतीय संस्कृति में समृद्धि और नई शुरुआत के प्रतीक माने जाते हैं.
पीएम मोदी का ये संदेश न केवल एक औपचारिक बधाई है, बल्कि ये उनकी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना और दक्षिण भारतीय संस्कृति के प्रति उनके गहरे सम्मान को भी प्रदर्शित करता है.
सांस्कृतिक विविधता
पुथांडु का पर्व आशा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि ऐसे क्षेत्रीय त्योहार हमारी राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाते हैं. तमिल समुदाय की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए पीएम ने समावेशी विकास और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया.
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-भारत एक्सप्रेस
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