प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक के बाद एक दो स्टोरी शेयर की, जिसके माध्यम से उन्होंने देशवासियों से स्वस्थ रहने, चीनी छोड़ने और योग करने की अपील की है. इंस्टाग्राम पर शेयर पहली स्टोरी में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स युवराज दुआ ने प्रधानमंत्री मोदी से ‘मन की बात’ में मीठे के खिलाफ बात करने की अपील की है.
युवराज ने इंस्टाग्राम पर अपने पापा की एक छोटी सी स्टोरी साझा की है, जिसमें वो बता रहे हैं कि लोग कहते हैं कि भारत में बेटे अपने पिता के प्रति प्यार का इजहार नहीं कर पाते. कैसे करें? उनके प्यार की लिस्ट में तीसरे नंबर पर फ्रेंड्स आते हैं, दूसरे पर फैमिली आती है, और पहले नंबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आते हैं. और, मोदी जी से किसी की बराबरी नहीं हो सकती. अगर मेरे पापा को बोला जाए कि एक इमारत में आग लगी है और आपके बच्चे, बीवी और नरेंद्र मोदी अंदर हैं, लेकिन निकाला किसी एक को ही जा सकता है… तो, मेरे पापा पुरजोर तरीके से बोलेंगे कि आएगा तो मोदी ही. मान लो कि अगर मेरे पापा टीवी देख रहे हैं और ऊपर से ड्रैगन उड़ता हुआ भी जा रहा है तो टीवी से ध्यान नहीं हटेगा क्योंकि उस पर नरेंद्र मोदी आ रहे हैं. वो किसी सामूहिक कार्यक्रम में खाना खाने से पहले चार लोगों को ढूंढेंगे, क्योंकि जब तक वो उनसे पीएम मोदी की तारीफ न कर लें तो उनको खाना नहीं पचेगा.
युवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, मेरा आपसे अनुरोध है कि आपके शब्द मेरे पापा के लिए पत्थर की लकीर हैं, इसलिए अगर अगले ‘मन की बात’ एपिसोड में आप मीठे के खिलाफ कुछ बोल दें तो मेरे पापा का शुगर कंट्रोल हो जाएगा, क्योंकि हमारे कहने से उनकी जलेबियां कम नहीं हो रही हैं.
वहीं, दूसरे पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक अन्य स्टोरी शेयर की, जिसमें लिखा है, ”अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें. अच्छा खाएं, स्वस्थ भोजन करें. अत्यधिक चीनी कई बीमारियों को न्योता देती है. इसके अलावा, मोटापे का खतरा भी मंडरा रहा है. साथ ही, योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं. यह फिट और सक्रिय रहने का एक शानदार तरीका है.”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एफएसएसएआई ने राज्यों को दिया निर्देश
इससे पहले भी कई मौकों पर प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों से हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की अपील कर चुके हैं. पिछले साल मई में पीएम मोदी ने देशवासियों को मोटापे से बचाव और खाने में तेल की मात्रा कम करने की अपील की थी. उनके इस संदेश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले एफएसएसएआई ने राज्यों से कहा था कि वे अपने यहां जागरुकता अभियान शुरू करें और लोगों को संतुलित आहार और कम तेल वाले खाद्य पदार्थ खाने के लिए प्रेरित करें.
इस दौरान संदेश दिया गया कि खाने से 10 प्रतिशत तेल की मात्रा कम की जाए. ऐसा करने से मोटापे पर तो रोक लगेगी ही, साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियों पर भी रोक लग सकेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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