देशभर में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन व उनके संदेशों को याद किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए लोगों को इस पावन पर्व की बधाई दी. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दिव्य संदेशों में नि:स्वार्थ भाव से कर्म करने की प्रेरणा मिलती है. यही संदेश लंबे समय से मानवता का मार्गदर्शन करते आए हैं.
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्।
देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥ pic.twitter.com/fL8fFk79Uw
— Narendra Modi (@narendramodi) September 4, 2026
पीएम मोदी ने अपनी शुभकामना में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उपासना को समर्पित यह पवित्र अवसर हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई शक्ति लेकर आए. उन्होंने अंत में ‘जय श्रीकृष्ण’ कहकर देशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं.
PM मोदी ने साझा किया भगवान श्रीकृष्ण का प्रसिद्ध श्लोक
जन्माष्टमी की शुभकामनाओं के साथ प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक भी सोशल मीडिया पर साझा किया. यह श्लोक भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति से जुड़ा है-
“वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्.
देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥”
इसका सरल हिंदी अर्थ है कि वसुदेव के पुत्र, देवस्वरूप, कंस और चाणूर का संहार करने वाले तथा माता देवकी को परम आनंद देने वाले जगद्गुरु भगवान श्रीकृष्ण को नमन किया जाता है.
यह श्लोक आदि शंकराचार्य द्वारा रचित ‘कृष्णाष्टकम’ स्तोत्र से लिया गया है. इसे इस स्तोत्र का पहला श्लोक और मंगलाचरण माना जाता है. ‘कृष्णाष्टकम’ में भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और उनके स्वरूप की स्तुति करने वाले कुल आठ श्लोक हैं. यह स्तोत्र हिंदू धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व रखता है.
क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी?
जन्माष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात के समय भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में देवकी और वसुदेव के घर जन्म लिया था. मान्यता है कि श्रीकृष्ण का जन्म उस दौर में हुआ जब अत्याचार बढ़ रहे थे और मथुरा का राजा कंस अपने अत्याचारों के लिए जाना जाता था. श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी और उनकी लीलाओं की स्मृति में हर साल देशभर में जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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