प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों जबरदस्त एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. एक तरफ जहां वे पश्चिम बंगाल की गलियों और चुनावी रैलियों में वहां के जमीनी हालातों का जायजा ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली में ‘आधी आबादी’ को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने के लिए बड़े मंच साझा कर रहे हैं. सिलीगुड़ी की सफल रैली के बाद पीएम मोदी ने बंगाल के जमीनी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जिसमें वहां के राजनीतिक हालातों और लोगों के संघर्ष की चौंकाने वाली बातें सामने आईं.
जमीनी स्तर पर उनके प्रयास प्रेरक: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलीगुड़ी में बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ हुई इस बातचीत को साझा करते हुए अपने सोशल मीडिया पर लिखा, “परिश्रमी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करना हमेशा सुखद होता है. जमीनी स्तर पर उनके प्रयास वास्तव में प्रेरक हैं.”
It is always a delight to interact with hardworking BJP Karyakartas. Their efforts at the grassroots are truly inspiring. Yesterday, after the rally in Siliguri, I met local BJP Karyakartas who narrated the ordeal of the common people under TMC rule. They told me that the people… pic.twitter.com/aMDvw5pmD0
— Narendra Modi (@narendramodi) April 13, 2026
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि कल सिलीगुड़ी में रैली के बाद, मैं स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं से मिला, जिन्होंने टीएमसी शासन के तहत आम लोगों की आपबीती सुनाई. उन्होंने मुझे बताया कि लोग भाजपा के विकास एजेंडे से जुड़ रहे हैं. ये बातचीत इस बात की पुष्टि करती है कि पश्चिम बंगाल में माहौल स्पष्ट रूप से भाजपा के पक्ष में है.
सिलीगुड़ी से उठी ‘परिवर्तन’ की गूज
सिलीगुड़ी में कार्यकर्ताओं ने पीएम को बताया कि कैसे वहां की जनता विकास की भूखी है और टीएमसी सरकार के कथित कुशासन से परेशान होकर अब विकल्प की तलाश में है. प्रधानमंत्री का ये कहना कि ‘माहौल भाजपा के पक्ष में है’, ये संकेत देता है कि आने वाले समय में बंगाल की राजनीतिक बिसात पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
आज दिल्ली में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’
बंगाल के दौरे के ठीक बाद, पीएम मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करने जा रहे हैं. ये सम्मेलन केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को सच करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है.
इस सम्मेलन में विज्ञान, खेल, मीडिया और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों की दिग्गज महिलाएं जुट रही हैं. इसका सबसे बड़ा केंद्र बिंदु है ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’. सितंबर 2023 में संसद ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का रास्ता साफ किया था. अब इसके क्रियान्वयन पर गहराई से चर्चा करने के लिए सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र भी बुलाया है.
ये भी पढ़ें: आधे अप्रैल में ही जून जैसी तपिश! दिल्ली-NCR से महाराष्ट्र तक सूरज के बदले तेवर, IMD ने जारी किया अलर्ट
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

